कंप्यूटर वायरस से संबंधित 10 महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न उत्तर

Important Computer Virus MCQs

कंप्यूटर वायरस से जुड़े 10 महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) यहाँ दिए गए हैं, जो बैंकिंग, SSC, UPSC, राज्य PSC, VYAPAM जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहायक हैं। प्रत्येक प्रश्न के साथ सही उत्तर और संक्षिप्त व्याख्या भी प्रदान की गई है, जिससे पाठक कंप्यूटर वायरस के विषय में अपनी समझ को परख और बढ़ा सकें।

कंप्यूटर ज्ञान तथा साइबर सुरक्षा आजकल कई प्रतियोगी परीक्षाओं का अहम हिस्सा है। विशेषकर कंप्यूटर वायरस से संबंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं, क्योंकि ये कंप्यूटर सुरक्षा से जुड़ी बुनियादी समझ और व्यवहारिक ज्ञान को परखते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए, यहाँ कंप्यूटर वायरस विषय पर 10 चुनिंदा बहुविकल्पीय प्रश्नों का संकलन प्रस्तुत है। इन प्रश्नों में बेसिक, इंटरमीडिएट और एडवांस्ड स्तर की कठिनाई का संतुलन रखा गया है, ताकि आप विभिन्न पहलुओं पर अपनी पकड़ जांच सकें। प्रत्येक प्रश्न के साथ उसका सही उत्तर और संक्षिप्त व्याख्या दी गई है, जिससे आपको विषय की बेहतर समझ मिल सके। इन MCQs के अभ्यास से आप बैंकिंग, SSC, UPSC, राज्य लोक सेवा आयोग (State PSC), VYAPAM आदि प्रतियोगी परीक्षाओं में कंप्यूटर वायरस से संबंधित प्रश्नों के लिए स्वयं को तैयार कर सकते हैं।

Computer Viruses Questions

प्रश्न 1: कंप्यूटर वायरस मूलतः क्या होता है?

(A) एक हार्डवेयर उपकरण

(B) सॉफ्टवेयर प्रोग्राम का एक प्रकार

(C) कंप्यूटर नेटवर्क का हिस्सा

(D) ऑपरेटिंग सिस्टम का एक संस्करण

प्रश्न 2: निम्नलिखित में से क्या काम कंप्यूटर वायरस साधारणतः नहीं कर सकता है?

(A) फाइलों को संक्रमित करना और डेटा को नुकसान पहुँचाना

(B) खुद को प्रतिलिपि करके फैलाना

(C) कंप्यूटर के हार्डवेयर को भौतिक (Physical) रूप से नुकसान पहुँचना

(D) प्रोग्रामों के कार्य में बाधा पैदा करना

प्रश्न 3: कंप्यूटर वायरस निम्न में से किस माध्यम से प्रसारित नहीं हो सकता?

(A) ई-मेल के संलग्नक (Attachment) द्वारा

(B) संक्रमित पेन ड्राइव या अन्य यूएसबी स्टोरेज द्वारा

(C) इंटरनेट से डाउनलोड की गई संक्रमित फ़ाइल द्वारा

(D) कागज़ पर मुद्रित (प्रिंट किए हुए) दस्तावेज़ द्वारा

प्रश्न 4: कंप्यूटर वायरस और वर्म (Worm) में मुख्य अंतर क्या है?

(A) वायरस को फैलने के लिए होस्ट फाइल/प्रोग्राम की आवश्यकता होती है, जबकि वर्म को खुद फैलने के लिए किसी होस्ट की ज़रूरत नहीं होती।

(B) वायरस सिर्फ ऑफ़लाइन माध्यम से फैलता है, जबकि वर्म सिर्फ इंटरनेट के माध्यम से फैलता है।

(C) वर्म केवल बाहरी उपकरण (जैसे पेन ड्राइव) से फैल सकता है, वायरस नेटवर्क पर स्वतः फैलता है।

(D) इनमें कोई अंतर नहीं है, वायरस और वर्म समान प्रकार के मैलवेयर हैं।

प्रश्न 5: ट्रोजन हॉर्स (Trojan Horse) प्रोग्राम की क्या विशेषता है?

(A) यह एक ऐसा हानिकारक प्रोग्राम है जो खुद को किसी उपयोगी या निर्दोष सॉफ्टवेयर जैसा दिखाता है।

(B) यह स्वयं ही अपनी प्रतिलिपि बनाकर तेज़ी से नेटवर्क में फैलता है।

(C) यह एंटीवायरस सॉफ़्टवेयर का एक प्रकार है जो वायरस को छुपाता है।

(D) यह कंप्यूटर के हार्डवेयर को प्रभावित करने वाला विशेष वायरस है।

प्रश्न 6: बूट सेक्टर वायरस मुख्यतः कंप्यूटर के किस हिस्से को संक्रमित करता है?

(A) हार्ड डिस्क या अन्य ड्राइव के प्रारंभिक बूट सेक्टर को

(B) कंप्यूटर के माइक्रोप्रोसेसर (प्रोसेसर चिप) को

(C) वेब ब्राउज़र को

(D) कंप्यूटर की रैम (RAM) को

प्रश्न 7: मैक्रो वायरस आमतौर पर किन फ़ाइलों या कार्यक्रमों को संक्रमित करता है?

(A) दस्तावेज़ फाइलें, जैसे Microsoft Word या Excel की फाइलें

(B) ऑपरेटिंग सिस्टम की मुख्य सिस्टम फाइलें

(C) कंप्यूटर का BIOS/फर्मवेयर

(D) वेब सर्वर पर होस्टेड HTML वेबपेज़

प्रश्न 8: “VIRUS” शब्द का प्रचलित पूर्ण रूप (Full Form) क्या माना जाता है?

(A) Very Intelligent Resource Under System

(B) Vital Information Resources Under Siege

(C) Visual Integrated Random Utility System

(D) Virtual Information Recording User System

प्रश्न 9: दुनिया का सबसे पहला कंप्यूटर वायरस किसे माना जाता है?

 (A) ब्रेन (Brain) वायरस

 (B) क्रीपर (Creeper) वायरस

 (C) माइकलएंजेलो (Michelangelo) वायरस

 (D) मॉरिस वर्म (Morris Worm)

प्रश्न 10: बहुरूपी वायरस (Polymorphic Virus) एंटीवायरस द्वारा पकड़ से बचने के लिए कौन-सी तकनीक अपनाता है?

  (A) यह हर बार खुद को संक्रमित करते समय अपने कोड का हस्ताक्षर (Signature) बदल लेता है।

 (B) यह केवल निर्धारित विशेष समय (जैसे मध्यरात्रि) पर ही सक्रिय होता है।

 (C) यह अपने आपको कंप्यूटर के BIOS में स्थायी रूप से स्थापित कर लेता है।

 (D) यह अत्यधिक मात्रा में ट्रैफिक पैदा कर नेटवर्क को बाधित करता है जिससे एंटीवायरस क्रैश हो जाए।

Computer Viruses Answers

1. सही उत्तर: (B) सॉफ्टवेयर प्रोग्राम का एक प्रकार

व्याख्या: कंप्यूटर वायरस एक प्रकार का दुर्भावनापूर्ण सॉफ्टवेयर प्रोग्राम होता है, जो अपनी स्वयं की प्रतिलिपि बनाकर अन्य फाइलों या प्रोग्रामों को संक्रमित कर सकता है। यह प्रोग्राम उपयोगकर्ता की अनुमति या जानकारी के बिना सक्रिय होता है और सिस्टम में फैलता है, जिससे डेटा को नुकसान या प्रणाली की कार्यप्रणाली बाधित हो सकती है।

2.सही उत्तर: (C) कंप्यूटर के हार्डवेयर को भौतिक रूप से नुकसान पहुँचना

व्याख्या: कंप्यूटर वायरस सॉफ़्टवेयर होते हैं जो डेटा और सॉफ्टवेयर प्रणाली को नुकसान पहुँचा सकते हैं, लेकिन वे सीधे कंप्यूटर के हार्डवेयर को भौतिक क्षति नहीं पहुँचा सकते। वायरस कोड के रूप में कार्य करते हैं और आम तौर पर फाइलें, प्रोग्राम या ऑपरेटिंग सिस्टम को निशाना बनाते हैं। हार्डवेयर को तब तक भौतिक नुकसान नहीं होता जब तक वायरस किसी यंत्र (जैसे पंखे को बंद करके ओवरहीट करवाना) के जरिए अप्रत्यक्ष रूप से असर न डाले, लेकिन ऐसा होना अत्यंत दुर्लभ है।

3. सही उत्तर: (D) कागज़ पर मुद्रित दस्तावेज़ द्वारा

व्याख्या: कंप्यूटर वायरस के प्रसार के लिए डिजिटल माध्यम आवश्यक होता है। वायरस प्रोग्राम को फैलने के लिए किसी इलेक्ट्रॉनिक फ़ाइल, प्रोग्राम या स्टोरेज माध्यम की जरूरत होती है। एक मुद्रित (प्रिंटेड) पेपर पर सिर्फ मानव-पढ़ने योग्य जानकारी होती है, कोई सक्रिय कोड नहीं, इसलिए कागज़ पर छपे दस्तावेज़ के जरिये वायरस ट्रांसफर नहीं हो सकता। दूसरी ओर, ईमेल अटैचमेंट, संक्रमित USB ड्राइव या इंटरनेट से डाउनलोड की गई फ़ाइलों में वायरस छुपे हो सकते हैं और इन्हें खोलने या चलाने पर वायरस सिस्टम में फैल सकता है।

4. सही उत्तर: (A) वायरस को फैलने के लिए होस्ट फाइल/प्रोग्राम की आवश्यकता होती है, जबकि वर्म को होस्ट की ज़रूरत नहीं होती।

व्याख्या: वायरस एक मैलवेयर प्रोग्राम है जो अपनी प्रतिलिपि बनाने के लिए किसी होस्ट फाइल या प्रोग्राम से जुड़ता है। यह तभी सक्रिय होकर फैलता है जब वह संक्रमित फाइल या प्रोग्राम चलता है। इसके विपरीत, वर्म (Worm) एक स्वतंत्र मैलवेयर प्रोग्राम होता है जिसे फैलने के लिए किसी होस्ट प्रोग्राम की आवश्यकता नहीं पड़ती। वर्म सिस्टम में मौजूद कमजोरियों का फायदा उठाकर स्वयं को नेटवर्क या सिस्टम में स्वतः प्रसारित कर सकता है। सरल शब्दों में, वायरस को मानव क्रिया (जैसे किसी फाइल को खोलना) की जरूरत होती है, जबकि वर्म नेटवर्क के जरिए स्वतः सक्रिय होकर तेजी से फैल सकता है।

5. सही उत्तर: (A) एक ऐसा हानिकारक प्रोग्राम जो खुद को किसी उपयोगी या निर्दोष सॉफ्टवेयर जैसा दिखाता है।

व्याख्या: ट्रोजन हॉर्स एक प्रकार का मैलवेयर है जो दिखने में तो एक वैध या उपयोगी प्रोग्राम जैसा लगता है, लेकिन उसके भीतर छिपा कोड दुर्भावनापूर्ण कार्य करता है। ट्रोजन वायरस की तरह स्वयं को प्रतिलिपि बनाकर फैलता नहीं है; यह उपयोगकर्ता को छलपूर्वक आकर्षित करके सिस्टम में प्रवेश पाता है (जैसे किसी उपयोगी सॉफ़्टवेयर या फाइल के रूप में डाउनलोड होना) और फिर डेटा चोरी, क्षति या अनधिकृत नियंत्रण जैसे कार्य कर सकता है। इसका नाम मिथक के “ट्रोजन हॉर्स” पर पड़ा है क्योंकि यह दुश्मन के अंदर छिपकर प्रवेश करता है। ध्यान दें कि ट्रोजन स्वयं-प्रसार नहीं करता, इसे फैलने के लिए उपयोगकर्ता द्वारा इसे चलाने/इंस्टॉल करने पर निर्भर रहना पड़ता है।

6. सही उत्तर: (A) हार्ड डिस्क के प्रारंभिक बूट सेक्टर को

व्याख्या: बूट सेक्टर वायरस उस कोड को संक्रमित करता है जो कंप्यूटर के बूट होने (प्रारंभ होने) पर सबसे पहले लोड होता है। यह आम तौर पर हार्ड डिस्क, फ्लॉपी या अन्य डिस्क के मास्टर बूट रिकॉर्ड (MBR) या बूट सेक्टर में खुद को स्थापित कर लेता है। जैसे ही कंप्यूटर चालू होता है, यह वायरस बूट सेक्टर से लोड होकर मेमोरी में सक्रिय हो जाता है और फिर ऑपरेटिंग सिस्टम के लोड होने से पहले ही नियंत्रण प्राप्त कर लेता है। इस कारण, बूट सेक्टर वायरस कंप्यूटर को启动 होने से रोक सकता है या प्रारंभिक स्तर पर ही सिस्टम को संक्रमित कर देता है। (नोट: बूट सेक्टर वायरस का उदाहरण “ब्रेन (Brain)” वायरस है, जो 1986 में फैलने वाला पहला एमबीआर वायरस था।)

7. सही उत्तर: (A) दस्तावेज़ फाइलें, जैसे Microsoft Word या Excel की फाइलें

व्याख्या: मैक्रो वायरस विशेष रूप से उन फ़ाइलों को निशाना बनाता है जिनमें मैक्रो स्क्रिप्ट चल सकती हैं, जैसे कि Microsoft Word, Excel या अन्य ऑफिस सूट की दस्तावेज़ फाइलें। ये वायरस उन्हीं स्क्रिप्टिंग सुविधाओं (Macro language) का दुरुपयोग करते हैं जो डॉक्युमेंट्स में कार्य को स्वचालित करने के लिए होती हैं। जब कोई संक्रमित दस्तावेज़ (जैसे .docx या .xls फाइल) खोला जाता है और मैक्रोज़ को सक्षम किया जाता है, तो वायरस सक्रिय हो जाता है और प्रायः उस एप्लिकेशन के अन्य दस्तावेज़ों को भी संक्रमित करने लगता है। इसका परिणाम यह होता है कि आपकी कई Word/Excel फाइलें संक्रमित हो सकती हैं। मैक्रो वायरस प्रायः ईमेल अटैचमेंट के रूप में या साझा किए गए डॉक्युमेंट्स के जरिए फैलते हैं। (उदाहरण: मेलिसा वायरस एक प्रसिद्ध मैक्रो वायरस था जिसने Word दस्तावेज़ों को संक्रमित किया।)

8. सही उत्तर: (B) Vital Information Resources Under Siege

व्याख्या: आम बोलचाल या प्रश्नोत्तरी में “VIRUS” का विस्तृत रूप “Vital Information Resources Under Siege” बताया जाता है। यह शब्दावली इंगित करती है कि एक वायरस (दुर्भावनापूर्ण कोड) महत्त्वपूर्ण सूचनाओं और संसाधनों को बंधक/घेराबंदी (under siege) जैसी अवस्था में ले आता है। ध्यान देने योग्य है कि यह पूर्ण रूप एक बैक्रोनिम (यानि शब्द बनने के बाद बनाया गया विस्तृत रूप) है और तकनीकी रूप से “virus” किसी शब्द का संक्षिप्त रूप नहीं है। असल में वायरस लैटिन भाषा का शब्द है जिसका अर्थ विषाणु होता है, और कंप्यूटर विज्ञान में इसे इसी संदर्भ में रूपक के तौर पर इस्तेमाल किया गया है। फिर भी प्रतियोगी परीक्षाओं में इसका उपरोक्त फुल फॉर्म अक्सर पूछा जाता है।

9. सही उत्तर: (B) क्रीपर (Creeper) वायरस

व्याख्या: इतिहास में दर्ज जानकारी के अनुसार, क्रीपर वायरस (Creeper) को पहला कंप्यूटर वायरस माना जाता है। इसे 1971 में बॉब थॉमस नामक इंजीनियर ने प्रयोगात्मक रूप से ARPANET (जो इंटरनेट का प्रारंभिक रूप था) पर बनाया था। Creeper वायरस संक्रमित कंप्यूटर पर एक संदेश प्रदर्शित करता था – “I’m the creeper, catch me if you can!” – और खुद को एक सिस्टम से दूसरे सिस्टम पर कॉपी करता था। इसके बाद इसे हटाने के लिए पहला एंटी-वायरस प्रोग्राम “Reaper” भी बनाया गया था। Brain नामक वायरस को 1986 में बनाए गए पहले पीसी वायरस के रूप में जाना जाता है, जिसे दो भाईयों ने MS-DOS सिस्टम के बूट सेक्टर को संक्रमित करने के लिए बनाया था। लेकिन समग्र रूप से सबसे पहला वायरस Creeper ही था, जबकि Morris Worm (1988) पहला इंटरनेट वर्म था। माइकलएंजेलो जैसे वायरस 1990 के दशक में प्रचलित हुए थे।

10. सही उत्तर: (A) हर बार खुद को संक्रमित करते समय अपने कोड का हस्ताक्षर बदल लेता है।

व्याख्या: बहुरूपी (Polymorphic) वायरस ऐसे वायरस होते हैं जो स्वयं को पहचान से बचाने के लिए अपने कोड को लगातार परिवर्तित करते रहते हैं। जब भी यह वायरस किसी नई फाइल या सिस्टम को संक्रमित करता है, तो अपने कोड का कुछ हिस्सा बदल लेता है या एन्क्रिप्शन की अलग कुंजी का प्रयोग करता है, जिससे प्रत्येक प्रतिलिपि का सिग्नेचर अलग दिखता है। एंटीवायरस सॉफ्टवेयर अधिकांशतः वायरस को पहचानने के लिए उनके हस्ताक्षर (signature) या पैटर्न का इस्तेमाल करते हैं; इसलिए बहुरूपी वायरस के लगातार बदलते पैटर्न के कारण इन्हें पकड़ना कठिन हो जाता है। विकल्प (B) और (C) कुछ विशिष्ट वायरस के गुण हो सकते हैं (जैसे टाइम-बेस्ड एक्टिवेशन या BIOS पर हमला करने वाले रूटकिट), लेकिन वे “बहुरूपी” वायरस की परिभाषा नहीं हैं। विकल्प (D) वर्म द्वारा नेटवर्क ट्रैफिक बढ़ाने जैसा व्यवहार दर्शाता है, जो एक अलग प्रकार का हमला है।

Cloud Computing पर आधारित 10 महत्वपूर्ण MCQs 

Leave a Comment