छत्तीसगढ़ करंट अफेयर्स: 12 अगस्त 2025 | CGPSC Exam, CG Vyapam, Sarkari Exam

Chhattisgarh Current Affairs : 12 August 2025 

 छत्तीसगढ़ करंट अफेयर्स 12 अगस्त 2025:

छत्तीसगढ़ में 12 अगस्त 2025 को कई महत्वपूर्ण घटनाएं सामने आईं, जो CGPSC, vyapam और अन्य राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इस लेख में हम छत्तीसगढ़ की ताजा खबरेंविकास परियोजनाएंस्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े सुधार, और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में किए जा रहे प्रयासों को विस्तार से प्रस्तुत कर रहे हैं। यह जानकारी आपको परीक्षा की दृष्टि से अद्यतन रखने के साथ-साथ राज्य के समसामयिक परिदृश्य की गहन समझ भी प्रदान करेगी। स्रोत: नवभारत न्यूज़पेपर, दैनिक भास्कर, DPR Chhattisgarh अन्य ऑथेंटिक न्यूज़ ।

छत्तीसगढ़ में 2029 तक बाल विवाह मुक्त अभियान: दो वर्ष शून्य मामले पर मिलेगा प्रमाण पत्र

छत्तीसगढ़ सरकार ने 2029 तक बाल विवाह को पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य तय किया है। जिन गांवों और शहरों में लगातार दो वर्षों (2023-24 और 2024-25) तक एक भी बाल विवाह का मामला दर्ज नहीं होगा, उन्हें “बाल विवाह मुक्त” प्रमाण पत्र दिया जाएगा। अगले वर्ष तक 4678 गांवों और 77 नगर निकायों को बाल विवाह मुक्त बनाने का लक्ष्य है, जिसे हर साल 20% वृद्धि के साथ 2028-29 तक 100% तक पहुंचाना है। प्रमाण पत्र जारी करने से पहले ग्राम पंचायत से प्रस्ताव और जिला स्तर पर जांच की जाएगी। शिकायत दर्ज कराने के लिए पोस्टर आधारित व्यवस्था और 13,794 लोगों की टीम गठित की गई है।

कुएंमारी जलप्रपात 

कुएंमारी जलप्रपात, केशकाल ब्लॉक, कोण्डागांव जिले में स्थित एक प्रमुख प्राकृतिक पर्यटन स्थल है। यह विशेषकर वर्षा ऋतु में अधिक जलप्रवाह और सुंदरता के कारण प्रसिद्ध है।

• स्थान: केशकाल ब्लॉक, कोण्डागांव जिला।

• ऊंचाई: लगभग 300 फीट।

• आकार: सीढ़ीनुमा (स्टेप्ड) जलप्रपात।

• परिवेश: घना जंगल और बड़ी-बड़ी चट्टानें।

• ठहरने की सुविधा: टाटामारी इको पर्यटन केंद्र, केशकाल घाट।

संजोरी बिंदरी पूजा

संजोरी बिंदरी पूजा गांवों में वर्षा ऋतु के दौरान आयोजित की जाने वाली एक पारंपरिक धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा है, जिसका उद्देश्य ग्रामवासियों के बीच सुख-समृद्धि, लोककल्याण और आपसी सौहार्द को बढ़ाना है। इस अनुष्ठान में गांव के एक निर्धारित स्थान पर कृषि उपज जैसे अनाज, सब्जियां, फल और प्रतीकात्मक वस्तुएं जैसे गेंदा फूल, नारियल, हल्दी आदि अर्पित की जाती हैं। पूजा स्थल पर पाँच रंगों का झंडा गाड़ा जाता है, और प्रत्येक घर से कम से कम एक सदस्य इसमें भाग लेता है। पूजा के बाद प्रसाद सभी में बांटा जाता है। इस अवसर पर गायन, वादन और नृत्य जैसी पारंपरिक लोककलाएं प्रस्तुत की जाती हैं और अंत में सामूहिक भोज का आयोजन होता है, जो विभिन्न समुदायों के बीच संबंधों को और मजबूत करता है।

प्रदेश की प्रथम महिला सांसद मिनीमाता जी की पुण्यतिथि

छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश की प्रथम महिला सांसद मिनीमाता जी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मिनीमाता, जिनका वास्तविक नाम मीनाक्षी देवी था, असम में जन्मी और विवाह के बाद छत्तीसगढ़ से जुड़ीं। वे अपनी सरलता, सहजता और जनसेवा के लिए समर्पण के लिए जानी जाती थीं। उन्होंने संसद में अस्पृश्यता उन्मूलन, बाल विवाह, दहेज प्रथा, महिला और दलित उत्थान जैसे मुद्दों पर प्रभावी भूमिका निभाई।

विशेष सम्मान एवं स्मृतियाँ

छत्तीसगढ़ विधानसभा भवन का नाम उनके सम्मान में रखा गया।

मिनीमाता सम्मान की स्थापना, जो महिला और समाज उत्थान में योगदान देने वालों को प्रदान किया जाता है।

हसदेव-बांगो बांध का नामकरण उनके नाम पर किया गया, जो उनके स्थायी प्रभाव और जनसेवा की पहचान को दर्शाता है।

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