Chhattisgarh Current Affairs : 7 August 2025
छत्तीसगढ़ करंट अफेयर्स 7 अगस्त 2025:
छत्तीसगढ़ में 7 अगस्त 2025 को कई महत्वपूर्ण घटनाएं सामने आईं, जो CGPSC, vyapam और अन्य राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इस लेख में हम छत्तीसगढ़ की ताजा खबरें, विकास परियोजनाएं, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े सुधार, और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में किए जा रहे प्रयासों को विस्तार से प्रस्तुत कर रहे हैं। यह जानकारी आपको परीक्षा की दृष्टि से अद्यतन रखने के साथ-साथ राज्य के समसामयिक परिदृश्य की गहन समझ भी प्रदान करेगी।
नमी राय पारेख ने एशिया-अफ्रीका-पैसिफिक पावरलिफ्टिंग चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक
छत्तीसगढ़ की नमी राय पारेख ने जापान के हिमीजी (Himeji) में आयोजित एशिया, अफ्रीका, पैसिफिक इंटरनेशनल पावरलिफ्टिंग चैम्पियनशिप में 57 किलोग्राम महिला वर्ग में 185 किलोग्राम डेडलिफ्ट कर स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। यह उनका पहला अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट था, जिसमें उन्होंने कुल मिलाकर पांचवां स्थान भी हासिल किया। कर्नाटक के आदर्श अत्तावर ने भी इस प्रतियोगिता में 59 किलोग्राम वरिष्ठ वर्ग में 260 किलोग्राम स्क्वाट, 135 किलोग्राम बेंच प्रेस (रजत) और 276 किलोग्राम डेडलिफ्ट (स्वर्ण) के साथ एक नया विश्व रिकॉर्ड बनाया। उनका कुल लिफ्ट 671 किलोग्राम रहा।
31 सदस्यीय भारतीय दल में 18 महिलाएं और 13 पुरुष थे, जिन्होंने सब-जूनियर से लेकर मास्टर्स कैटेगरी तक भाग लिया। भारत ने इस प्रतियोगिता में कुल 6 स्वर्ण, 8 रजत और 6 कांस्य पदक जीतकर तीसरा स्थान हासिल किया।
माता लिंगेश्वरी मंदिर: कोंडागांव
कोंडागांव जिले के फरसगांव ब्लॉक के आलोर गांव के जंगलों और पहाड़ियों के बीच स्थित माता लिंगेश्वरी का मंदिर एक अत्यंत दुर्लभ और आस्था से परिपूर्ण स्थल है जो केवल वर्ष में एक दिन सूर्योदय से सूर्यास्त तक ही खुलता है। इस मंदिर को विशेष रूप से संतान प्राप्ति की मन्नतों के लिए जाना जाता है। श्रद्धालु दंपती खीर चढ़ाकर मन्नत मांगते हैं और पुजारी उसी खीर को प्रसाद के रूप में खिलाते हैं। मंदिर तक केवल श्रद्धावान ही पहुँच सकते हैं। इस वर्ष 3 सितंबर को मंदिर खुलेगा, और देशभर से भक्त बड़ी संख्या में यहां पहुँचते हैं। प्रशासन ने इस वर्ष भीड़ नियंत्रण और आवश्यक सुविधाओं के प्रबंध की तैयारी शुरू कर दी है।
प्राचीन शिलालेखों में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और राजनीतिक विरासत का प्रमाण
राजीव लोचन मंदिर, तीरथगढ़ में स्थित एक ऐतिहासिक स्थल है जहाँ पाए गए शिलालेख प्राचीन इतिहास और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण प्रमाण हैं। 8वीं-9वीं शताब्दी के शिलालेखों में पाली व देवनागरी लिपि का उपयोग हुआ है, जिसमें पांडव, सम्राट नल, पृथ्वीराज, और विक्रमादित्य जैसे नामों का उल्लेख है। 3 जनवरी 1145 को लिखे गए एक अन्य शिलालेख से हैहयवंशी राजाओं के शासनकाल और उनके क्षेत्रीय विस्तार की जानकारी मिलती है। इसी तरह राजिम के कुलेश्वर महादेव मंदिर में भी दो शिलालेख पाए गए हैं, जिनमें एक में ‘संगम’ शब्द और दूसरे में महानदी की महिमा का वर्णन है।
छत्तीसगढ़ करंट अफेयर्स: 6 अगस्त 2025 | CGPSC Exam, CG Vyapam, Sarkari Exam