Agnipath Scheme 2026
भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना में युवाओं की भर्ती के लिए साल 2022 में शुरू की गई अग्निपथ योजना (Agnipath Scheme) अब अपने सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुँच चुकी है। दिसंबर 2026 और जनवरी 2027 के बीच लगभग 18,300 अग्निवीरों का पहला बैच अपना 4 साल का कार्यकाल पूरा करके सेना से बाहर आने वाला है।
पहले बैच की विदाई से ठीक पहले, रक्षा मंत्रालय (MoD) और तीनों सेनाओं के बीच इस योजना के नियमों में कुछ बड़े बदलाव (Agniveer Scheme Changes) करने पर गंभीर चर्चा चल रही है। अगर आप भी भविष्य में अग्निवीर बनने की तैयारी कर रहे हैं या योजना के अपडेट्स जानना चाहते हैं, तो यह पूरी रिपोर्ट आपके लिए है।
अग्निपथ योजना 2026: होने वाले हैं ये 3 बड़े बदलाव
वर्तमान नियमों के अनुसार, 4 साल का कार्यकाल पूरा होने पर केवल 25% अग्निवीरों को ही परमानेंट (स्थायी) कमीशन दिया जाता है। लेकिन सेना की ऑपरेशनल जरूरतों और तकनीकी चुनौतियों को देखते हुए निम्नलिखित प्रस्तावों पर विचार किया जा रहा है:
- रिटेंशन रेट (Retention Rate) में वृद्धि: सेना ने प्रशिक्षित जवानों को बनाए रखने के लिए स्थायीकरण को 25% से बढ़ाकर 50% करने का प्रस्ताव दिया है। वहीं, हाई-टेक हथियारों और रडार सिस्टम पर काम करने वाली भारतीय नौसेना और वायुसेना ने इसे 75% तक करने की मांग की है।
- टेक्निकल कैडर के लिए विशेष नियम: सिग्नल कोर (Signals), EME और एविएशन जैसे तकनीकी रोल्स के लिए अधिकतम 23 वर्ष की आयु सीमा और 75% तक परमानेंट करने की सिफारिश की गई है।
- शहीदों के परिवारों को बेहतर सुविधाएँ: ड्यूटी के दौरान वीरगति प्राप्त करने वाले अग्निवीरों के परिवारों को एकमुश्त मुआवजे की जगह ‘नियमित परिवार निर्वाह भत्ता’ (Regular Family Pension System) और मेडिकल कवर देने का प्रस्ताव है।
अग्निवीर ‘सेवा निधि’ पैकेज 2026 (Seva Nidhi Details)
जो 75% अग्निवीर 4 साल बाद सेना से बाहर आएंगे, उन्हें कोई रेगुलर पेंशन नहीं मिलेगी। इसकी जगह उन्हें ‘सेवा निधि पैकेज’ दिया जाएगा, जो पूरी तरह से टैक्स फ्री (Income Tax Free) होगा। आइए समझते हैं 4 साल की सैलरी और फंड का गणित:
| कार्यकाल (वर्ष) | मासिक वेतन (Gross) | इन-हैंड सैलरी (70%) | कॉर्पस फंड में जमा (30%) |
|---|---|---|---|
| पहला साल | ₹30,000 | ₹21,000 | ₹9,000 |
| दूसरा साल | ₹33,000 | ₹23,100 | ₹9,900 |
| तीसरा साल | ₹36,500 | ₹25,550 | ₹10,950 |
| चौथा साल | ₹40,000 | ₹28,000 | ₹12,000 |
कुल पैकेज: 4 साल में अग्निवीर अपने वेतन से लगभग ₹5.02 लाख कॉर्पस फंड में जमा करता है। सरकार भी अपनी तरफ से इसमें ₹5.02 लाख मिलाती है। ब्याज सहित रिटायरमेंट के समय जवानों को लगभग ₹11.71 लाख एकमुश्त दिए जाएंगे। इसके अलावा सेवाकाल के दौरान ₹48 लाख का जीवन बीमा (Life Insurance) कवर भी मिलता है।
4 साल बाद रिटायर होने वाले 75% अग्निवीरों का क्या होगा?
दिसंबर 2026 से रिटायर हो रहे अग्निवीरों के पुनर्वास (Rehabilitation) के लिए गृह मंत्रालय (MHA) और रक्षा मंत्रालय ने कई बड़े कोटे तय किए हैं:
- CAPF और असम राइफल्स में 10% आरक्षण: BSF, CRPF, CISF और ITBP जैसी पैरामिलिट्री फोर्स में एक्स-अग्निवीरों के लिए 10% पद आरक्षित होंगे।
- आयु सीमा और फिजिकल टेस्ट में छूट: पहले बैच के अग्निवीरों को CAPF भर्ती में अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट मिलेगी (अगले बैचेस के लिए 3 वर्ष)। साथ ही, उन्हें फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट (PET) नहीं देना होगा।
- राज्य पुलिस में प्राथमिकता: उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा और छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों ने अपनी पुलिस भर्तियों में अग्निवीरों को सीधी प्राथमिकता देने की घोषणा की है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
क्या अग्निवीरों का रिटेंशन 25% से बढ़कर 50% हो गया है?
अभी यह केवल एक प्रस्ताव है जिसे सेना ने रक्षा मंत्रालय को भेजा है। 2026 के अंत तक इस पर अंतिम मुहर लगने की पूरी संभावना है, खासकर टेक्निकल पदों के लिए इसे 75% तक किया जा सकता है।
क्या अग्निवीरों को पेंशन मिलती है?
नहीं, अग्निपथ योजना के तहत 4 साल बाद बाहर आने वाले जवानों को नियमित पेंशन नहीं मिलती है। उन्हें 11.71 लाख रुपये का एकमुश्त ‘सेवा निधि’ पैकेज दिया जाता है। हालांकि, जो 25% जवान स्थायी होंगे, वे रेगुलर सैनिकों की तरह 15 साल की सर्विस के बाद पेंशन के हकदार होंगे।
