Chhattisgarh Current Affairs : 19 August 2025
छत्तीसगढ़ करंट अफेयर्स 19 अगस्त 2025: छत्तीसगढ़ में 19 अगस्त 2025 को कई महत्वपूर्ण घटनाएं सामने आईं, जो CGPSC, vyapam और अन्य राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इस लेख में हम छत्तीसगढ़ की ताजा खबरें, विकास परियोजनाएं, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े सुधार, और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में किए जा रहे प्रयासों को विस्तार से प्रस्तुत कर रहे हैं। यह जानकारी आपको परीक्षा की दृष्टि से अद्यतन रखने के साथ-साथ राज्य के समसामयिक परिदृश्य की गहन समझ भी प्रदान करेगी। स्रोत: नवभारत न्यूज़पेपर, दैनिक भास्कर, DPR Chhattisgarh अन्य ऑथेंटिक न्यूज़ ।
NeML ई-ऑक्शन के जरिये होगा चना खरीद–वितरण, दिसंबर 2025 तक जारी रहेगी व्यवस्था
छत्तीसगढ़ सरकार ने चना वितरण को और पारदर्शी एवं सरल बनाने का निर्णय लिया है। राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक दिनांक 19 अगस्त 2025 को हुई, जिसमें यह फैसला लिया गया कि अब अनुसूचित क्षेत्र एवं माडा पॉकेट क्षेत्र में निवासरत अंत्योदय एवं प्राथमिकता श्रेणी के परिवारों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के अंतर्गत प्रतिमाह 2 किलो चना उपलब्ध कराया जाएगा।
इस चना की खरीद नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा NeML ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के माध्यम से की जाएगी, जिससे खरीद प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सस्ती होगी।
सरकार ने यह भी तय किया है कि जुलाई 2025 से नवंबर 2025 तक निजी मिलों से चना नहीं खरीदा जाएगा और प्रदेशभर का चना दिसंबर 2025 तक वितरित किया जाएगा।
नवा रायपुर बनेगा आईटी हब : 90 एकड़ भूमि आबंटन से निवेश और रोजगार को नई दिशा
छत्तीसगढ़ सरकार ने नवा रायपुर को आईटी हब बनाने का निर्णय लिया है। 19 अगस्त 2025 को हुई मंत्रिपरिषद् की बैठक में सूचना प्रौद्योगिकी (IT/IITS) उद्योगों की स्थापना हेतु 90 एकड़ भूमि रियायती प्रीमियम दर पर आबंटित करने का फैसला हुआ। इस निर्णय से नवा रायपुर तकनीकी और औद्योगिक विकास का केंद्र बनेगा। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि इससे निवेश बढ़े और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर उपलब्ध हों। यह कदम छत्तीसगढ़ के 25 वर्ष पूरे होने के रजत महोत्सव वर्ष में लिया गया है।
दुर्ग का भूगोल : नदियों का रंगीन संगम स्थल
दुर्ग जिले में शिवनाथ और तांदुला नदियों का संगम अनूठे प्राकृतिक कैनवास की तरह दिखाई देता है। यहां शिवनाथ नदी का पानी मटमैला जबकि तांदुला का पानी हरे रंग में दिखाई देता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इसका कारण नदियों के बहाव, मिट्टी, गाद, खनिज तत्वों तथा स्थानीय भूगोल से जुड़ा है। बारिश के मौसम में नदियों में तेज बहाव होने से गाद और मिट्टी का घुलाव अधिक हो जाता है। तांदुला का बहाव अधिक तेज होने से इसमें घुलनशील तत्व ज्यादा पाये जाते हैं। यही कारण है कि दोनों नदियों का रंग संगम से पहले अलग-अलग दिखाई देता है।
छत्तीसगढ़ के 7 निष्क्रिय दलों पर निर्वाचन आयोग की कार्रवाई – 29 अगस्त को होगी सुनवाई
भारत निर्वाचन आयोग ने देशभर में 334 पंजीकृत लेकिन गैरमान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को निष्क्रियता के कारण सूची से हटाने की प्रक्रिया शुरू की है। छत्तीसगढ़ के ऐसे सात दलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, जिन्होंने 2019 के बाद से किसी भी चुनाव में भाग नहीं लिया। इन दलों में आज़ादी का अंतिम आंदोलन, भारतीय पिछड़ा दल, भारतीय प्रजातांत्रिक कृषक दल, भारतीय मज़दूर दल, भारतीय स्वतंत्र पार्टी, भारतीय दलित संघर्ष संगठन तथा प्रजाजन कांग्रेस पार्टी शामिल हैं। इनकी सुनवाई 29 अगस्त 2025 को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रायपुर के कार्यालय में होगी। इसके बाद आयोग अंतिम निर्णय लेकर इन्हें डिलीस्ट कर सकता है। इससे पहले 253 दलों को पहले चरण में हटाया जा चुका है और अब शेष 81 दलों पर कार्रवाई चल रही है। यह कदम चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है।