Chhattisgarh Current Affairs : 21 August 2025
छत्तीसगढ़ करंट अफेयर्स 21 अगस्त 2025: छत्तीसगढ़ में 21 अगस्त 2025 को कई महत्वपूर्ण घटनाएं सामने आईं, जो CGPSC, vyapam और अन्य राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इस लेख में हम छत्तीसगढ़ की ताजा खबरें, विकास परियोजनाएं, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े सुधार, और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में किए जा रहे प्रयासों को विस्तार से प्रस्तुत कर रहे हैं। यह जानकारी आपको परीक्षा की दृष्टि से अद्यतन रखने के साथ-साथ राज्य के समसामयिक परिदृश्य की गहन समझ भी प्रदान करेगी। स्रोत: नवभारत न्यूज़पेपर, दैनिक भास्कर, DPR Chhattisgarh अन्य ऑथेंटिक न्यूज़ ।
छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव : 25 वर्ष की गौरवशाली यात्रा
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सूरजपुर जिले के तिलसिवां में भव्य रजत महोत्सव का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस कार्यक्रम का वर्चुअल शुभारंभ करते हुए प्रदेश को ₹211 करोड़ की विकास योजनाओं की सौगात दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ने पिछले पच्चीस वर्षों में विकास के अनेक आयाम स्थापित किए हैं और अब इसे नई ऊँचाइयों तक ले जाने के लिए नागरिकों को एकजुट होकर कार्य करना होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को स्मरण करते हुए स्थानीय बस स्टैंड परिसर में बनी उनकी प्रतिमा का अनावरण भी किया। कार्यक्रम में किसान मेला सह जीवन मेला सह प्रदर्शनी सह प्रशिक्षण का शुभारंभ किया गया, जिसमें कृषि यंत्रों, जैविक खाद, कीटनाशकों और बीजों की नवीनतम किस्मों के साथ विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी लगाई गई।
छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल विस्तार 2025
छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में मंत्रिमंडल का पहला विस्तार हुआ जिसमें गजेन्द्र पाल सिंह, खुशवंत साहू और राजेश मूणत ने मंत्री पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। राज्यपाल बिस्वभूषण हरिचंदन ने शपथ दिलाई। उल्लेखनीय है कि शपथ ग्रहण के मात्र तीन घंटे के भीतर ही विभागों का आबंटन कर दिया गया, जो प्रशासनिक तत्परता का द्योतक है।
हरियाणा फार्मूला का महत्व
हरियाणा फार्मूला के अनुसार मंत्रिमंडल में क्षेत्रीय व सामाजिक संतुलन बनाए रखने का प्रयास किया जाता है। इससे शासन में सभी वर्गों एवं क्षेत्रों की भागीदारी सुनिश्चित होती है।
मुख्य तथ्य
• मुख्यमंत्री ने वित्त, गृह, सामान्य प्रशासन जैसे अहम विभाग अपने पास रखे।
• डॉ. रमन सिंह को स्वास्थ्य एवं उद्योग, बृजमोहन अग्रवाल को कृषि व पंचायत, अजय चंद्राकर को शिक्षा व पर्यटन, वहीं नए मंत्रियों में गजेन्द्र सिंह को स्कूल शिक्षा, खुशवंत साहू को खाद्य एवं सहकारिता तथा राजेश मूणत को परिवहन व नगरीय प्रशासन सौंपा गया।
• कुल मंत्रियों की संख्या मुख्यमंत्री सहित 14 है।
जापान का पहला पड़ाव – वर्ल्ड एक्सपो 2025 (ओसाका)
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज से 10 दिवसीय विदेश यात्रा पर रवाना हो रहे हैं। विदेश जाने से पहले वे दिल्ली में एनडीए के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद के नामांकन कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद उनका पहला पड़ाव जापान का ओसाका शहर होगा, जहाँ वे वर्ल्ड एक्सपो 2025 में शामिल होंगे। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ अपनी धरोहर और विकास यात्रा प्रदर्शित करेगा। मुख्यमंत्री जापान और दक्षिण कोरिया में उद्योगपतियों, निवेशकों व अधोसंरचना उद्यमियों से मुलाकात करेंगे। उनकी वापसी 31 अगस्त 2025 को नई दिल्ली में होगी।
पंडित वामनराव बलिराम लाखे जी : पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि
पंडित वामनराव बलिराम लाखे जी की पुण्यतिथि पर छत्तीसगढ़ में श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है। उन्हें स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, सहकारिता आंदोलन के जनक और छत्तीसगढ़ में जनचेतना के अग्रदूत के रूप में जाना जाता है।
• जन्म : 17 सितम्बर 1872, रायपुर
• निधन : 21 अगस्त 1948
प्रमुख योगदान
1. सहकारिता आंदोलन
• 1913 में रायपुर में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की स्थापना।
• 1915 में बलौदाबाजार में सहकारी चावल मिल की स्थापना।
• किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त करने और संगठनबद्ध करने का कार्य।
2. राजनीतिक चेतना और संगठन
• 1915 में रायपुर में होम रूल लीग की स्थापना।
• छत्तीसगढ़ मित्र नामक प्रथम मासिक पत्रिका का प्रकाशन, जो जनचेतना जगाने में ऐतिहासिक रहा।
3. स्वतंत्रता आंदोलन में सहभागिता
• 1920 में महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन से जुड़े।
• विदेशी वस्त्रों के बहिष्कार और खादी प्रचार में सक्रिय भूमिका।
• 1922 में रायपुर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चुने गए।
• 1930 के आंदोलन और 1941 के व्यक्तिगत सत्याग्रह के दौरान जेल गए, उस समय उनकी आयु लगभग 70 वर्ष थी।
• ब्रिटिश सरकार द्वारा दिया गया “राय साहब” का खिताब त्याग दिया।
4. सामाजिक योगदान
• नगर निगम और स्थानीय निकायों में सक्रिय भागीदारी।
• हमेशा पैदल चलकर जनसम्पर्क करना और आम जनता से जुड़े रहना उनकी विशेषता रही।
महत्व
• वामनराव लाखे जी को छत्तीसगढ़ में सहकारिता आंदोलन का पिता कहा जाता है।
• उन्होंने किसानों, समाज और स्वतंत्रता संग्राम में अमूल्य योगदान दिया।
• उनके कार्यों ने क्षेत्र में राजनीतिक जागृति, आर्थिक आत्मनिर्भरता और सामाजिक एकता को मजबूत किया।