Chhattisgarh Current Affairs : 22 August 2025
छत्तीसगढ़ करंट अफेयर्स 22 अगस्त 2025: छत्तीसगढ़ में 22 अगस्त 2025 को कई महत्वपूर्ण घटनाएं सामने आईं, जो CGPSC, vyapam और अन्य राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इस लेख में हम छत्तीसगढ़ की ताजा खबरें, विकास परियोजनाएं, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े सुधार, और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में किए जा रहे प्रयासों को विस्तार से प्रस्तुत कर रहे हैं। यह जानकारी आपको परीक्षा की दृष्टि से अद्यतन रखने के साथ-साथ राज्य के समसामयिक परिदृश्य की गहन समझ भी प्रदान करेगी। स्रोत: नवभारत न्यूज़पेपर, दैनिक भास्कर, DPR Chhattisgarh अन्य ऑथेंटिक न्यूज़ ।
छत्तीसगढ़ में चावल निर्यात को मिलेगा बढ़ावा
भारतीय रेल मालवाहक सेवा के वरिष्ठ अधिकारियों ने नया रायपुर (अटल नगर) स्थित मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क (एमएमएलपी) का दौरा किया। इस दौरान चावल निर्यातकों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं पर चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता सीएसआईडीसी के कार्यकारी निदेशक आलोक कटियार ने की। रेल अधिकारियों ने चावल निर्यात को सुगम बनाने हेतु हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। बैठक में प्रमुख समस्या कंटेनरों की कमी और बढ़ती अंतर्राष्ट्रीय व्यापार आवश्यकताओं पर रही। निर्यातकों ने भरोसा जताया कि सरकार और रेलवे के सहयोग से राज्य में चावल निर्यात की संभावनाएं और बढ़ेंगी।
कलचुरी राजवंश की ऐतिहासिक धरोहर – 200 वर्षीय किला
कोटागांव, बालोद जिले के डोंडी ब्लॉक का एक स्वतंत्र ग्राम पंचायत है, जहाँ कलचुरी राजवंश का लगभग 200 वर्ष पुराना किला स्थित है। यह किला 350 फीट ऊँची पहाड़ी पर माँ किर्रलावाली मंदिर के समीप बना है और आज भी सुरक्षित है। पास ही बेहरडी बांध प्राकृतिक सौंदर्य को और भी आकर्षक बनाता है। बरसात के मौसम में यह स्थान अत्यधिक मनमोहक दृश्य प्रस्तुत करता है। यहाँ हर साल हजारों पर्यटक माँ किर्रलावाली के दर्शन और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने आते हैं। पंचायत की जनसंख्या 3100 है और साक्षरता दर 90% है, जबकि प्रमुख आजीविका स्रोत कृषि है।
छत्तीसगढ़ के खनन क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि (2024-25)
छत्तीसगढ़ ने खनन क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य को लगभग 15 हजार करोड़ रुपये का खनिज राजस्व प्राप्त हुआ है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 34 प्रतिशत अधिक है। राज्य में 29 नई खनिज परियोजनाएं शुरू की गई हैं, जिनमें बॉक्साइट, सोना, ग्लूकोनाइट, लिथियम और टाइटेनियम जैसे खनिज शामिल हैं। इनमें से 11 परियोजनाएं स्ट्रेटजिक और क्रिटिकल मिनरल्स पर केंद्रित होंगी। भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण ने 2500 मिलियन टन चुनापत्थर और 93 मिलियन टन लौह अयस्क का भंडार आकलित किया है। केंद्र सरकार ने बॉक्साइट और चुनापत्थर की 2 परियोजनाओं को स्वीकृति दी है, वहीं निजी संस्थानों को लिथियम, टैंटलम व टाइटेनियम जैसे दुर्लभ खनिजों की खोज की अनुमति दी गई है।