सिहावा पर्वत : सप्तऋषियों की तपोभूमि और महानदी का उद्गम

sihawa parwat chhattisgarh

सिहावा पर्वत छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में स्थित है, जिसे सप्तऋषियों की तपोभूमि और महानदी नदी के उद्गम क्षेत्र के रूप में जाना जाता है। इसका धार्मिक, भौगोलिक और CGPSC परीक्षा में विशेष महत्व है।

दुड़मा वाटरफॉल (Dudma Waterfall): छत्तीसगढ़ का उभरता पर्यटन केंद्र

दूधमा जलप्रपात (Dudma Waterfall)

दुड़मा वाटरफॉल (Dudma Waterfall) Dudma Waterfall: छत्तीसगढ़, अपनी प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक धरोहर के लिए प्रसिद्ध, अनेक अनछुए पर्यटन स्थलों का घर है। इनमें से एक है दूधमा जलप्रपात, जो हाल ही में पर्यटकों के …

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मकरभंजा जलप्रपात – Makarbhanja Waterfall Chhattisgarh

Makarbhanja Waterfall Chhattisgarh

मकरभंजा जलप्रपात (Makarbhanja Waterfall) Makarbhanja Waterfall Chhattisgarh: प्रकृति की सुंदरता और पर्यटन स्थलों का वर्णन अक्सर परीक्षाओं में छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण विषय होता है। मकरभंजा जलप्रपात, जो छत्तीसगढ़ राज्य के जशपुर जिले के …

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‘निर्वाण’ की प्राप्ति के लिए, क्या सभी सांसारिक संबंधों और जिम्मेदारियों का त्याग आवश्यक है? Nirvana Buddha Philosophy

Buddha philosophy

Nirvana Buddha Philosophy Nirvana Buddha Philosophy: बौद्ध दर्शन में ‘निर्वाण’ (मुक्ति) को पीड़ा (दुःख) और पुनर्जन्म के चक्र (संसार) से पूरी मुक्ति के रूप में परिभाषित किया गया है। यह जीवन के समस्त मोह, द्वेष, …

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दुःख की सार्वभौमिकता के बावजूद, क्या जीवन में वास्तविक और स्थायी सुख की प्राप्ति संभव है? Dukkha Buddha Philosophy

Buddha philosophy

Dukkha Buddha Philosophy Dukkha Buddha Philosophy: बुद्ध ने ‘दुःख’ (पीड़ा) की सार्वभौमिकता को अपने ‘चार आर्य सत्य’ (Four Noble Truths) के माध्यम से समझाया, जिसमें यह बताया गया है कि जीवन का मूल स्वभाव दुःखमय …

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‘शून्यता’ की अवधारणा नैतिकता और नैतिक निर्णयों को कैसे प्रभावित करती है? Buddha Philosophy Sunyata

sunyavada philosophy founder

शून्यता (Buddha Philosophy Sunyata) शून्यता (Buddha Philosophy Sunyata): बौद्ध दर्शन में ‘शून्यता’ (Emptiness) की अवधारणा केंद्रीय स्थान रखती है। इसका तात्पर्य यह है कि सभी वस्तुएं और घटनाएं स्वतंत्र, स्थायी, और स्वभाविक रूप से मौजूद …

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‘प्रतीत्यसमुत्पाद’ सिद्धांत के संदर्भ में, स्वतंत्र इच्छा और पूर्वनिर्धारण के बीच संबंध क्या है? Buddha Philosophy Pratityasamutpada

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प्रतीत्यसमुत्पाद (Buddha Philosophy Pratityasamutpada) प्रतीत्यसमुत्पाद (Buddha Philosophy Pratityasamutpada): बुद्ध के दर्शन में ‘प्रतीत्यसमुत्पाद’ (Dependent Origination) का सिद्धांत यह बताता है कि सभी घटनाएं और परिस्थितियां आपस में सह-निर्भर और परस्पर संबंधित हैं। इसका अर्थ है …

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क्या ‘अनात्म’ (स्व का अभाव) का सिद्धांत व्यक्तिगत पहचान और आत्म-जागरूकता के साथ कैसे सामंजस्य स्थापित करता है? Buddha Philosophy Anatman

Buddha Philosophy Anatman

बुद्ध दर्शन (Buddha Philosophy Anatman) बुद्ध दर्शन (Buddha Philosophy Anatman): ‘अनात्म’ (स्व का अभाव) का सिद्धांत बुद्ध दर्शन का एक केंद्रीय तत्व है, जो यह कहता है कि स्थायी, स्वतंत्र और अपरिवर्तनीय आत्मा का अस्तित्व …

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नेतानार: पर्यटन स्थल के रूप में जगदलपुर की नई पहचान (Netanar Tourist Destination)

Netanar Tourist Destination

नेतानार पर्यटन स्थल (Netanar Tourist Destination) नए साल की शुरुआत के साथ ही छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में स्थित नेतानार पर्यटन स्थल अपनी अद्वितीय प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक धरोहर के कारण पर्यटकों के बीच आकर्षण …

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