CG Didi E-Rickshaw Sahayata Yojana 2026
छत्तीसगढ़ के पंजीकृत श्रमिकों और कामकाजी महिलाओं के लिए राज्य सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर श्रम विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं का दायरा बढ़ाते हुए दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना की अनुदान राशि को बढ़ाकर ₹1.50 लाख कर दिया है। इसके साथ ही मजदूरों के दैनिक आवागमन को सुगम बनाने के लिए नई ई-बाइक सहायता योजना शुरू करने की भी घोषणा की गई है।
मूलपथ अकादमी (MoolPath Academy) के इस विस्तृत गाइड में जानिए कि इन दोनों योजनाओं के तहत कितनी सहायता राशि मिलेगी, कौन-कौन इसके पात्र हैं, कौन से दस्तावेज लगेंगे और आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन कैसे करना है।
CG E-Rickshaw & E-Bike Sahayata Yojana 2026: मुख्य विवरण
छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल और असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल द्वारा संचालित इन योजनाओं का संक्षिप्त विवरण नीचे तालिका में दिया गया है:
| योजना का नाम | लाभार्थी वर्ग | सहायता राशि (अनुदान) |
|---|---|---|
| दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना | पंजीकृत महिला निर्माण श्रमिक | ₹1.50 लाख (या ई-रिक्शा लागत का 60%) |
| असंगठित ई-रिक्शा सहायता योजना | असंगठित क्षेत्र के पंजीकृत रिक्शा चालक | ₹1.00 लाख (पहले ₹50,000 थी) |
| श्रमिक ई-बाइक सहायता योजना | पंजीकृत निर्माण व असंगठित मजदूर | आधिकारिक दिशा-निर्देश जल्द जारी होंगे |
| विभाग | श्रम विभाग, छत्तीसगढ़ शासन (CG Labour Department) | |
| आधिकारिक पोर्टल | cglabour.nic.in | |
दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना क्या है?
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य की कामकाजी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से दीदी ई-रिक्शा योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत राज्य की पंजीकृत महिला निर्माण श्रमिकों को पर्यावरण-अनुकूल बैटरी चालित ई-रिक्शा खरीदने के लिए एकमुश्त वित्तीय सहायता दी जाती है।
योजना के मुख्य लाभ:
- बढ़ी हुई वित्तीय सहायता: अब पात्र महिला श्रमिकों को प्रति ई-रिक्शा ₹1,50,000 या कुल वाहन मूल्य का 60% (जो भी कम हो) का अनुदान सीधे बैंक खाते में या वाहन डीलर के माध्यम से दिया जाता है।
- ईंधन खर्च से मुक्ति: पेट्रोल या डीजल रिक्शा की तुलना में ई-रिक्शा की रनिंग कॉस्ट बेहद कम होती है, जिससे महिलाओं की मासिक आय में सीधी बढ़ोतरी होती है।
- आत्मनिर्भरता: महिलाएं स्वयं का व्यवसाय शुरू कर समाज में सम्मानजनक जीवन यापन कर सकती हैं।
श्रमिक ई-बाइक सहायता योजना 2026
निर्माण कार्यों में लगे श्रमिकों को कार्यस्थल तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। सार्वजनिक परिवहन या पैदल चलने में उनका काफी समय और पैसा खर्च होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने ई-बाइक सहायता योजना की घोषणा की है।
इस योजना के जरिए पंजीकृत श्रमिकों को इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर (E-Bike/Electric Scooter) खरीदने पर अनुदान मिलेगा। योजना का उद्देश्य श्रमिकों की यात्रा को सुगम, सुरक्षित और प्रदूषण-मुक्त बनाना है। इसके नियम और विस्तृत दिशा-निर्देश श्रम विभाग द्वारा जल्द ही पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे।
पात्रता एवं शर्तें (Eligibility Criteria)
दीदी ई-रिक्शा योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक के पास निम्नलिखित योग्यताएं होना अनिवार्य है:
- छत्तीसगढ़ का मूल निवासी: आवेदक महिला छत्तीसगढ़ राज्य की स्थायी निवासी होनी चाहिए।
- पंजीकृत श्रमिक: आवेदक का छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में वैध श्रमिक पंजीयन होना चाहिए (कम से कम 90 दिन का पंजीयन पूरा हो चुका हो)।
- आयु सीमा: आवेदक की आयु 18 वर्ष से लेकर 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- ड्राइविंग लाइसेंस: आवेदक महिला के पास वैध कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस या लर्निंग लाइसेंस होना चाहिए (प्रशिक्षण प्राप्त महिलाओं को प्राथमिकता दी जाती है)।
- पूर्व में लाभ न लिया हो: परिवार के किसी अन्य सदस्य ने पहले इस मद में वाहन सहायता प्राप्त न की हो।
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज (Required Documents)
ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन करने से पहले निम्नलिखित दस्तावेजों की स्पष्ट स्कैन कॉपी तैयार रखें:
- आधार कार्ड (मोबाइल नंबर से लिंक)
- छत्तीसगढ़ श्रम कार्ड / श्रमिक पंजीयन प्रमाण पत्र
- निवास प्रमाण पत्र / मतदाता पहचान पत्र
- बैंक पासबुक की कॉपी (खाता आधार से सीडेड होना अनिवार्य)
- वैध ड्राइविंग लाइसेंस (DL) या प्रशिक्षण प्रमाण पत्र
- पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो
- ई-रिक्शा की अधिकृत डीलर से प्राप्त कोटेशन कॉपी
छत्तीसगढ़ दीदी ई-रिक्शा योजना में आवेदन कैसे करें?
योजना का लाभ लेने के लिए आप घर बैठे आधिकारिक पोर्टल से या नजदीकी लोक सेवा केंद्र (CSC Centre) के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं:
- स्टेप 1: छत्तीसगढ़ श्रम विभाग के आधिकारिक पोर्टल cglabour.nic.in पर जाएं।
- स्टेप 2: होमपेज पर “भवन एवं संनिर्माण मंडल” या “असंगठित मंडल” के अंतर्गत योजनाएं (Schemes) वाले विकल्प पर क्लिक करें।
- स्टेप 3: अपनी श्रमिक पंजीयन संख्या दर्ज करके लॉगिन करें।
- स्टेप 4: योजनाओं की सूची में से “दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना” का चयन करें।
- स्टेप 5: आवेदन फॉर्म में मांगी गई सभी व्यक्तिगत और वाहन संबंधी जानकारियां भरें।
- स्टेप 6: आवश्यक दस्तावेज और बैंक विवरण अपलोड करें।
- स्टेप 7: फॉर्म को फाइनल सबमिट करें और प्राप्त पावती (Application Receipt) का प्रिंट आउट सुरक्षित रख लें।
आवेदन सत्यापन के बाद श्रम विभाग के जिला श्रम पदाधिकारी द्वारा स्वीकृति प्रदान की जाती है और अनुदान राशि जारी की जाती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना में कुल कितनी सब्सिडी मिलती है?
उत्तर: छत्तीसगढ़ सरकार अब पात्र महिला श्रमिकों को ₹1.50 लाख या ई-रिक्शा की लागत का 60% (जो भी कम हो) की सहायता प्रदान करती है।
प्रश्न 2: क्या ई-रिक्शा के लिए ड्राइविंग लाइसेंस जरूरी है?
उत्तर: हाँ, आवेदक के पास ई-रिक्शा संचालन हेतु वैध लाइसेंस या प्रशिक्षण प्रमाण पत्र होना आवश्यक है।
प्रश्न 3: नई ई-बाइक योजना के लिए आवेदन कब से शुरू होंगे?
उत्तर: ई-बाइक योजना की घोषणा हाल ही में हुई है। श्रम विभाग द्वारा इसकी विस्तृत गाइडलाइन और ऑनलाइन लिंक पोर्टल पर जारी होते ही MoolPath Academy पर अपडेट कर दिया जाएगा।
छत्तीसगढ़ सरकार की सभी नई योजनाओं, भर्ती अपडेट्स और प्रतियोगी परीक्षाओं की सटीक जानकारी के लिए MoolPath Academy को नियमित रूप से फॉलो करते रहें।
