CG Krishak Unnati Yojana 2026
छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और फसल विविधीकरण (Crop Diversification) को बढ़ावा देने के लिए CG Krishak Unnati Yojana 2026 में एक बड़ा बदलाव किया है। जून 2026 में हुए कैबिनेट फैसले के बाद, अब राज्य के जो किसान खरीफ सीजन में धान के बजाय अन्य निर्धारित फसलें (Alternative Crops) उगाएंगे, उन्हें सरकार की ओर से ₹15,000 प्रति एकड़ की इनपुट सब्सिडी दी जाएगी。
यह योजना विशेष रूप से उन किसानों के लिए एक बेहतरीन अवसर है जो पानी की बचत करना चाहते हैं और पारंपरिक धान की खेती से हटकर दलहन, तिलहन या मक्का जैसी नकदी फसलें लगाकर अधिक मुनाफा कमाना चाहते हैं। इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि ₹15,000 प्रति एकड़ का लाभ लेने के लिए कौन-कौन सी फसलें मान्य हैं और AgriStack (एकीकृत किसान पोर्टल) पर पंजीयन कैसे करना है।
CG Krishak Unnati Yojana 2026: एक नज़र में
| विवरण (Details) | जानकारी (Information) |
|---|---|
| योजना का नाम | छत्तीसगढ़ कृषक उन्नति योजना |
| सहायता राशि | ₹15,000 प्रति एकड़ |
| नया नियम लागू | खरीफ सीजन 2026 से |
| रजिस्ट्रेशन पोर्टल | AgriStack (cgfr.agristack.gov.in) या एकीकृत किसान पोर्टल |
| पेमेंट मोड | Direct Bank Transfer (DBT) |
₹15,000 सब्सिडी के लिए मान्य फसलें (Eligible Crops)
अगर आप खरीफ 2026 सीजन में धान नहीं लगाते हैं, तो आपको निम्नलिखित में से कोई एक फसल लगानी होगी तभी आपको ₹15,000 प्रति एकड़ की राशि मिलेगी:
- दलहन (Pulses – जैसे अरहर, उड़द, मूंग)
- तिलहन (Oilseeds – जैसे सोयाबीन, मूंगफली)
- मक्का (Maize)
- मिलेट्स / मोटे अनाज (कोदो, कुटकी, रागी)
- कपास (Cotton)
पात्रता और शर्तें (Eligibility Criteria)
योजना का लाभ लेने के लिए आपको कुछ आवश्यक शर्तें पूरी करनी होंगी:
- मूल निवासी: आवेदक छत्तीसगढ़ का स्थायी निवासी होना चाहिए।
- भूमि रिकॉर्ड: किसान के पास अपने नाम पर खेती योग्य जमीन होनी चाहिए (या वह पंजीकृत बटाईदार होना चाहिए)।
- रजिस्ट्रेशन अनिवार्य: किसान का रजिस्ट्रेशन AgriStack पोर्टल या ‘एकीकृत किसान पोर्टल’ पर होना ज़रूरी है।
- डिजिटल गिरदावरी: सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह है कि आपने धान के बदले जो अन्य फसल लगाई है, उसका सत्यापन राजस्व विभाग के डिजिटल क्रॉप सर्वे (Digital Crop Survey) में होना चाहिए।
Krishak Unnati Yojana के लिए पंजीयन कैसे करें? (Step-by-Step)
सब्सिडी की राशि सीधे आपके बैंक खाते में आएगी, इसलिए सही पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन होना बहुत ज़रूरी है। आप नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो कर सकते हैं:
Step 1: AgriStack पोर्टल पर जाएं
आप खुद या अपने नज़दीकी Common Service Centre (CSC) या चॉइस सेंटर के माध्यम से AgriStack छत्तीसगढ़ पोर्टल (cgfr.agristack.gov.in) पर जा सकते हैं। इसके अलावा, धान बेचने वाले ‘एकीकृत किसान पोर्टल’ के ज़रिये भी जानकारी अपडेट की जा सकती है。
Step 2: किसान रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरें
पोर्टल पर ‘Farmer Registration’ सेक्शन में जाकर अपना आधार नंबर, बैंक खाते की जानकारी (DBT के लिए NPCI मैप्ड होना अनिवार्य है) और मोबाइल नंबर दर्ज करें。
Step 3: भूमि का विवरण दें
अपनी ज़मीन का B-1, खसरा नंबर और रकबे की जानकारी पोर्टल पर भरें। यह वही रकबा होना चाहिए जिसमें आप धान के बदले अन्य फसल उगा रहे हैं。
Step 4: भौतिक सत्यापन (Verification)
रजिस्ट्रेशन के बाद, आपके क्षेत्र के पटवारी और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी (RAEO) आपकी ज़मीन का सर्वे (गिरदावरी) करेंगे। जब वे पोर्टल पर यह प्रमाणित कर देंगे कि आपने वास्तव में मक्का, दलहन या मिलेट्स लगाए हैं, तो आपकी सब्सिडी मंज़ूर हो जाएगी。
आवश्यक दस्तावेज (Important Documents)
पंजीयन केंद्र पर जाने से पहले ये दस्तावेज़ ज़रूर साथ रखें:
- आधार कार्ड (बैंक खाते से लिंक और NPCI मैप्ड)
- बैंक पासबुक की फोटोकॉपी
- ज़मीन के कागज़ात (B-1 / खसरा)
- निवास प्रमाण पत्र (राशन कार्ड या बिजली बिल)
- पासपोर्ट साइज फोटो और चालू मोबाइल नंबर
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
क्या धान की खेती करने वालों को भी ₹15,000 प्रति एकड़ मिलेगा?
नहीं। धान बेचने वाले किसानों को प्रति क्विंटल ₹3100 की गारंटी (जिसमें ₹2183 समर्थन मूल्य + ₹917 बोनस शामिल है) दी जाती है। ₹15,000 प्रति एकड़ की एकमुश्त सहायता सिर्फ उन किसानों के लिए है, जो खरीफ 2026 में धान छोड़कर दलहन, तिलहन, मक्का या कपास जैसी फसलें लगाएंगे。
मुझे सहायता राशि (Subsidy) कब मिलेगी?
फसल की डिजिटल गिरदावरी (सर्वे) पूरी होने के बाद, यह राशि वित्तीय वर्ष के अंत (आमतौर पर मार्च-अप्रैल महीने के दौरान) सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है (जैसा कि मार्च 2024 और मार्च 2026 में किया गया था)。
अगर मेरा बैंक खाता आधार से लिंक नहीं है तो क्या होगा?
कृषक उन्नति योजना का पैसा केवल Aadhaar Enabled Payment System (AePS) यानी DBT के ज़रिये भेजा जाता है। अगर आपका खाता NPCI से लिंक नहीं है, तो आपका पैसा अटक सकता है। तुरंत अपनी बैंक शाखा में जाकर आधार सीडिंग करवा लें。
