Current Affairs 28 April 2025 in Hindi | आज के करेंट अफेयर्स हिंदी में

Current Affairs 28 April 2025 in Hindi

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Current Affairs 28 April 2025 in Hindi
28 अप्रैल 2025 करेंट अफेयर्स
Today Current Affairs Hindi
April 2025 Daily Current Affairs
करेंट अफेयर्स हिंदी UPSC/SSC

अंतरराष्ट्रीय समाचार (International Current Affairs)

व्यवसाय में आसानी बढ़ाने के लिए CII ने नेशनल जुडिशियल डेटा ग्रिड में सुधार की मांग की

भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) ने भारत में व्यापार करने की सुगमता को बेहतर बनाने के लिए National Judicial Data Grid (NJDG) के पुनर्गठन की मांग की है।

CII का कहना है कि न्यायिक डेटा को और अधिक सटीक रूप से विवादों की श्रेणियों में वर्गीकृत करने और अधिक न्यायालयों को इस ग्रिड से जोड़ने की आवश्यकता है ताकि विवादों का समाधान जल्दी हो सके और भारत की contract enforcement ranking बेहतर हो सके।

विश्व बैंक की 2020 रिपोर्ट में भारत को contract enforcement में 190 देशों में से 163वां स्थान मिला था, जबकि कुल रैंकिंग 63 थी।

NJDG की शुरुआत 2015 में ई-कोर्ट मिशन मोड प्रोजेक्ट के अंतर्गत की गई थी, जिसका उद्देश्य देशभर की अदालतों में लंबित मामलों को ट्रैक और कम करना था।

CII ने कहा कि यदि ग्रिड पर यह जानकारी हो कि मामला किस कानून या अधिनियम के अंतर्गत दर्ज हुआ है, तो यह न केवल सबसे अधिक और कम प्रयुक्त कानूनों की पहचान में मदद करेगा, बल्कि इससे यह भी जाना जा सकता है कि किस श्रेणी के मामले में औसतन कितना समय लगता है, और किस स्तर पर देरी हो रही है।

CII ने इस बात की ओर भी ध्यान दिलाया कि जैसे दिल्ली हाई कोर्ट 50 प्रकार की श्रेणियों में केस को वर्गीकृत करता है, वहीं NJDG में बहुत कम श्रेणियाँ दिखाई देती हैं। ऐसे में डेटा की एक समान रिपोर्टिंग प्रणाली आवश्यक है जिससे नीतियों को बेहतर तरीके से तैयार किया जा सके।

CII ने यह भी कहा कि शहरीकरण और तेजी से हो रही वृद्धि के चलते अदालतों में विवादों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, जिससे मामलों का ढेर लग गया है।

भारत-यूरोपीय संघ व्यापार वार्ता में ‘सस्टेनेबिलिटी’ बना सबसे बड़ा मुद्दा

भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लेकर चल रही बातचीत अब 11वें दौर में प्रवेश कर रही है, जो आगामी सप्ताह 5 मई से नई दिल्ली में शुरू होने जा रही है। हालांकि दोनों पक्ष विभागीय स्तर की चर्चाओं की ओर आगे बढ़ चुके हैं, लेकिन ‘सस्टेनेबिलिटी’ (स्थायित्व) से संबंधित मुद्दे अब भी सबसे बड़ा विवाद का कारण बने हुए हैं।

यूरोपीय संघ चाहता है कि पर्यावरणीय स्थायित्व को बाइंडिंग क्लॉज के रूप में समझौते में शामिल किया जाए, जिसे भारत स्वीकार नहीं करना चाहता क्योंकि इससे 27 EU सदस्य देश भारत पर गैर-शुल्क प्रतिबंध (non-tariff barriers) लगा सकते हैं। भारत पर्यावरण की रक्षा का समर्थक है, लेकिन वह इसे एक बंधनों से रहित तरीके से लागू करना चाहता है।

हालांकि EU ने अपनी स्थिति में कुछ नरमी दिखाई है और अब बातचीत ऑटोमोबाइल और मेडिकल उपकरणों जैसे उद्योगों तक पहुंच चुकी है। भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल की यात्रा लंदन, ओस्लो और ब्रुसेल्स की भी संभावित है, जिससे कुछ सार्थक निष्कर्ष निकल सकते हैं।

भारत TSD (Trade and Sustainable Development) अध्याय पर सैद्धांतिक रूप से सहमत हो सकता है, लेकिन अनिवार्य प्रावधानों के बिना और निष्पक्ष विवाद समाधान प्रणाली के साथ।

दक्षिण चीन सागर में विवादित रीफ पर चीन का कब्जा: फिलीपींस से टकराव तेज

चीनी तटरक्षक बल ने दक्षिण चीन सागर (South China Sea) में स्थित एक विवादित रीफ (Tiexian Reef / Sandy Cay) पर नियंत्रण स्थापित कर लिया है, जो फिलीपींस के सैन्य अड्डे थिटू द्वीप (Thitu Island / Pag-asa) के पास स्थित है।

बीजिंग के अनुसार, इस कार्रवाई को अप्रैल के मध्य में अंजाम दिया गया। यह क्षेत्र स्प्रैटली द्वीप समूह का हिस्सा है।

चीन लगभग पूरे दक्षिण चीन सागर पर संप्रभुता का दावा करता है, जबकि कई अंतरराष्ट्रीय निर्णय और क्षेत्रीय देश इसके खिलाफ हैं।

फिलीपींस और चीन के बीच इस क्षेत्र को लेकर पिछले कई महीनों से तनाव जारी है। फिलहाल फिलीपींस अमेरिका के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास में भाग ले रहा है, जिसे चीन ने अस्थिरता फैलाने वाला बताया है।

पाकिस्तान, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) और आतंकवाद से संबंधित कूटनीति

🔹 Context (प्रसंग):

पाकिस्तान ने 22 अप्रैल 2024 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के संबंध में UNSC के बयान से TRF (The Resistance Front) का नाम हटवाने में सफलता प्राप्त की। यह भारत के आतंकवाद विरोधी रुख के लिए एक बड़ा कूटनीतिक झटका माना जा रहा है।


🔹 मुख्य बिंदु (Key Points for Prelims):
बिंदुविवरण
UNSC (United Nations Security Council)संयुक्त राष्ट्र की सबसे प्रभावशाली संस्था, वैश्विक सुरक्षा पर निर्णय करती है
TRFलश्कर-ए-तैयबा का एक फ्रंट संगठन; भारत में कई हमलों की जिम्मेदारी ली है
UAPAभारत में गैरकानूनी गतिविधियों की रोकथाम अधिनियम, जिसके तहत TRF को 2023 में प्रतिबंधित किया गया
BLA (Balochistan Liberation Army)एक अन्य आतंकी संगठन जिसने पाकिस्तान में Jaffar Express पर हमले की जिम्मेदारी ली थी, और UNSC ने उसका उल्लेख किया
False Flag Operationपाकिस्तान का दावा कि हमला भारत की “प्रायोजित साजिश” है

🔹 Mains के लिए विश्लेषण (GS Paper 2 – International Relations):
❖ भारत की चुनौतियाँ:
  • UNSC के स्थायी सदस्य न होने के कारण भारत को सीधे वार्तालाप की शक्ति नहीं मिलती।
  • पाकिस्तान और चीन के बीच बढ़ती रणनीतिक गहराई भारत के वैश्विक सुरक्षा एजेंडे के लिए चुनौती है।
  • भारत को आतंकवाद पर अपने पक्ष को प्रस्तुत करने के लिए अन्य देशों और UNSC सदस्यों पर निर्भर रहना पड़ता है।
❖ पाकिस्तान की रणनीति:
  • अमेरिका और चीन के साथ सक्रिय कूटनीतिक लॉबिंग कर TRF का नाम हटवाना।
  • जम्मू-कश्मीर को ‘disputed territory’ के रूप में पुनः प्रस्तुत करना।
  • आतंकी संगठनों को प्रॉक्सी के रूप में उपयोग करना और बाद में बयान वापस करवाना।
❖ भारत की नीतिगत प्रतिक्रिया:

“Naming and Shaming” रणनीति के तहत आतंकी समूहों और उनके सहयोगियों का खुलासा करना।

आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय मंचों पर डेटा-आधारित साक्ष्य प्रस्तुत करना।

UNSC स्थायी सदस्यता के लिए प्रयास को और मजबूती देना।

राष्ट्रीय समाचार (National Current Affairs)

बिजली नियामकों की भूमिका पर नीति आयोग करेगा पुनरावलोकन, वर्ष के अंत तक रिपोर्ट

भारत सरकार के थिंक टैंक नीति आयोग ने बिजली क्षेत्र के केंद्रीय (CERC) और राज्य नियामकों (SERCs) की भूमिका, स्वायत्तता और जवाबदेही को लेकर एक व्यापक अध्ययन शुरू किया है।

इस अध्ययन का उद्देश्य इन नियामक संस्थाओं को मजबूत बनाना, निजी निवेश को आकर्षित करना, और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना है।

नीति आयोग का मानना है कि कुछ नियामक आयोगों ने जहाँ गुणवत्ता, प्रवर्तन और न्यायिक निर्णयों में प्रतिष्ठा अर्जित की है, वहीं कुछ पर टैरिफ आदेशों में देरी, नियामकीय हस्तक्षेप, और स्वायत्तता की कमी को लेकर आलोचना होती रही है।

इस अध्ययन की रिपोर्ट वर्ष के अंत तक आने की उम्मीद है और 2025 से बदलाव लागू किए जा सकते हैं। इसका लक्ष्य बिजली क्षेत्र की बदलती जरूरतों जैसे नई तकनीक, बदलती ऊर्जा खपत, और नई बाजार प्रवृत्तियों के अनुसार ढांचा सुधारना है।

भारत की पिक बिजली मांग 2030 तक 370 GW तक पहुंचने की उम्मीद है, जो वर्तमान में 243 GW है। इसके लिए उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण तंत्र को मजबूत करना आवश्यक है।

CERC की स्थापना 1998 में की गई थी, और यह 2003 के विद्युत अधिनियम के तहत बिजली की अंतर-राज्यीय दरों को नियंत्रित करने वाला मुख्य निकाय है।

FY31 तक भारत का एक-तिहाई स्टील उत्पादन ओडिशा से होगा: मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने बताया कि आने वाले वर्षों में ओडिशा भारत का सबसे बड़ा स्टील उत्पादन केंद्र बन सकता है और FY31 तक देश का एक-तिहाई स्टील इसी राज्य से उत्पादित होगा।

Tata Steel, JSW Steel, Jindal Steel & Power जैसे प्रमुख घरेलू उद्योग और दक्षिण कोरिया की कंपनी POSCO, राज्य में नई या विस्तारित उत्पादन इकाइयाँ स्थापित करने की योजना में हैं। POSCO और JSW Steel मिलकर ₹35,000–40,000 करोड़ की लागत से संयंत्र स्थापित करेंगे।

राष्ट्रीय स्टील नीति के अनुसार 2030-31 तक भारत में 300 मिलियन टन की उत्पादन क्षमता का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें अकेले ओडिशा की हिस्सेदारी 130 मिलियन टन तक पहुंचने की उम्मीद है।

अन्य प्रमुख योजनाएँ:

  • Jindal Steel का Angul संयंत्र 6 से बढ़कर 25 मिलियन टन का होगा।
  • Tata Steel Kalinganagar और NINL में विस्तार करेगा।
  • JSW Steel Paradip में 13 मिलियन टन संयंत्र बना रहा है।
  • AM/NS India Kendrapara में 24 मिलियन टन की इकाई बना रही है।

स्टील के अलावा केमिकल, पेट्रोकेमिकल, कपड़ा और कृषि उद्योग में भी भारी निवेश की योजना है। IOCL Paradip में ₹61,000 करोड़ की लागत से पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स स्थापित करेगा।

राज्य सरकार का लक्ष्य है कि 2036 तक जब राज्य 100 वर्ष पूरे करेगा, तब तक ओडिशा को $500 बिलियन की अर्थव्यवस्था बनाया जाए। वर्तमान में राज्य की GDP 7% की दर से बढ़ रही है, जिसे 9% तक ले जाने का लक्ष्य है।

दिल्ली बर्ड एटलस का समर सर्वे शुरू, गुरुग्राम में पहली बार दिखा दुर्लभ ग्रेटर रैकेट-टेल्ड ड्रोंगो

दिल्ली के लोधी गार्डन में राज्य वन और वन्यजीव विभाग ने रविवार को Delhi Bird Atlas के ग्रीष्मकालीन सर्वेक्षण की शुरुआत की। यह सर्वेक्षण एक महीने तक चलेगा और दिल्ली के 100 से अधिक स्थानों पर पक्षियों की प्रजातियों और उनके आवासों पर डेटा एकत्र करेगा। सर्वेक्षण में लगभग 100 बर्डवॉचर्स, वॉलंटियर्स, छात्रों, वन्यजीव विशेषज्ञों और पर्यावरणविदों ने भाग लिया।

इस बीच, गुरुग्राम के झांझरोला गांव में पहली बार एक Greater Racket-Tailed Drongo (ग्रेटर रैकेट-टेल्ड ड्रोंगो) देखा गया — यह पक्षी सामान्यतः हिमालयी क्षेत्रों और घने जंगलों में पाया जाता है। इस पक्षी को खुली और शुष्क भूमि में देखना दुर्लभ माना गया है।

पूर्व में इसकी गिनी-चुनी ही रिपोर्टें NCR में आई हैं, जैसे सुरजपुर, मंगर बानी और सुंदर नर्सरी में। विशेषज्ञों का मानना है कि यह एक ‘vagrant’ प्रजाति है जो सामान्यतः NCR में नहीं पाई जाती।

FY25 में धीमा पड़ा ई-वाहनों का सफर: ई-द्विचक्री सब्सिडी लक्ष्य से चूकी, ई-बसों को नहीं मिला प्रोत्साहन

सरकार द्वारा इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई PM E-Drive योजना वित्तीय वर्ष 2024-25 (FY25) में अपने पहले ही वर्ष में लक्ष्य से काफी पीछे रह गई है। सरकार का लक्ष्य था कि 10.64 लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन (e-2W) सब्सिडी के तहत प्रोत्साहित किए जाएं, लेकिन केवल 7.93 लाख वाहन ही इसके अंतर्गत आए—यानि लक्ष्य का मात्र 75%।

इस योजना के तहत ई-ट्रकों, बसों और एम्बुलेंसों के लिए सब्सिडी भी तय थी, लेकिन आधिकारिक अधिसूचना जारी न होने के कारण इनपर कोई प्रोत्साहन नहीं मिला।

ई-2W की स्वीकार्यता अभी केवल 6% के आसपास है, और एक्सपर्ट्स के अनुसार, इसका एक कारण कम सब्सिडी राशि (₹5,000–₹10,000) और क्लेम प्रक्रिया की जटिलता है।

Vahan पोर्टल के डेटा से पता चला है कि FY25 में 1.15 मिलियन ई-दोपहिया वाहन पंजीकृत हुए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 21.2% अधिक है।

PMP (Phased Manufacturing Programme) के अनुरूप निर्माताओं को कड़े नियमों का पालन करना होता है, और यही कारण है कि बहुत से निर्माता सब्सिडी क्लेम नहीं कर रहे।

निष्कर्षतः, योजना की धीमी प्रगति और अस्पष्ट अधिसूचना के कारण ई-बस, ट्रक और एम्बुलेंस को कोई भी लाभ नहीं मिल पाया है।

27 अप्रैल 2025 करेंट अफेयर्स – छत्तीसगढ़ विशेष (CG Current Affairs)

दंतेवाड़ा साइंस सेंटर बना देशभर के आकर्षण का केंद्र: प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के दौरान कहा कि छत्तीसगढ़ का दंतेवाड़ा साइंस सेंटर पूरे देश का ध्यान आकर्षित कर रहा है। उन्होंने बताया कि इस साइंस सेंटर में बच्चों को 3-D प्रिंटर्स और रोबोटिक कार जैसी अत्याधुनिक तकनीकों से परिचित कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों का तकनीक से जुड़ाव देश के उज्ज्वल भविष्य का संकेत देता है। युवाओं में विज्ञान और नवाचार के प्रति बढ़ता आकर्षण देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी कार्यक्रम को सुना और कहा कि दंतेवाड़ा जैसे क्षेत्र जो कभी हिंसा के लिए जाने जाते थे, अब विज्ञान और नवाचार के प्रतीक बन रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह केंद्र आदिवासी और ग्रामीण इलाकों के बच्चों को विज्ञान और नवाचार की दुनिया से जोड़ने का प्रेरणादायक माध्यम बन गया है।

छत्तीसगढ़ का पहला माओवाद मुक्त गांव – सुकमा के बड़ेसेट्टी में प्रशासन ने लगाया तीन दिवसीय सुविधा शिविर

सुकमा जिले के बड़ेसेट्टी गांव, जिसे छत्तीसगढ़ का पहला माओवाद मुक्त गांव घोषित किया गया है, में 25 से 27 अप्रैल तक तीन दिवसीय शासन-प्रायोजित सुविधा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक पहुँचाना था।

शिविर में आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, पीएम किसान योजना, राशन कार्ड, पेंशन योजना, वन अधिकार पत्र, जाति प्रमाण पत्र, वोटर आईडी सहित अनेक योजनाओं से जुड़ी सेवाएं दी गईं। कुल 550 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से सबसे अधिक 200 शासकीय प्रमाण पत्रों के लिए थे।

ग्रामीणों में सरकारी योजनाओं को लेकर भारी उत्साह देखा गया। कलेक्टर देवशरण झा के निर्देश पर सभी विभागों ने सक्रिय रूप से भाग लिया, जिससे प्रशासन और ग्रामीणों के बीच सकारात्मक संवाद स्थापित हुआ।

जशपुर की महिलाएं बना रही हैं हिंड और कांसा से पर्यावरण अनुकूल टोकरियां — एक साल में कमाए 10 लाख, जीआई टैग की प्रक्रिया शुरू

जशपुर जिले की महिलाएं खजूर के पत्ते (हिंड) और कांसा घास से सुंदर व टिकाऊ टोकरियां बना रही हैं, जो पूरी तरह हाथ से निर्मित होती हैं और इनमें प्लास्टिक का उपयोग नहीं होता। यह नवाचार न केवल स्थानीय आजीविका का मजबूत स्रोत बना है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दे रहा है।

प्रशासन इन टोकरी उत्पादों को विशिष्ट पहचान दिलाने के लिए GI टैग (Geographical Indication Tag) की प्रक्रिया शुरू कर चुका है। यह उत्पाद जशपुर का यूनिक प्रोडक्ट बन गया है, जिसकी देशभर में मांग है।

महिलाएं अब तक 10 लाख रुपये की बिक्री कर चुकी हैं और राष्ट्रपति भवन तक सम्मान प्राप्त कर चुकी हैं। जिला प्रशासन इस प्रोडक्ट का प्रचार-प्रसार कर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अग्रसर है। 2017 से यह कार्य प्रारंभ हुआ और अब 1500 से ज्यादा स्वयं सहायता समूह इससे जुड़े हुए हैं।

मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप योजना: IIM रायपुर में युवाओं को मिलेगा मुफ्त MBA और छात्रवृत्ति

छत्तीसगढ़ सरकार ने सुशासन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप योजना शुरू की है। इस योजना के तहत राज्य के युवाओं को IIM रायपुर में लोक नीति और सुशासन में दो वर्षीय MBA करने का अवसर मिलेगा।

सरकार न केवल छात्रों का पूरा शैक्षणिक खर्च वहन करेगी, बल्कि उन्हें ₹50,000 प्रति माह छात्रवृत्ति भी दी जाएगी। यह योजना 23 अप्रैल से 11 मई 2025 तक के लिए आवेदन हेतु खुली है। यह पहल छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए उच्च शिक्षा व प्रशासनिक दक्षता प्राप्त करने का सुनहरा अवसर है।

प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु संभावित MCQ प्रश्न:

Q.भारत ने TRF को कब आतंकवादी संगठन घोषित किया था?
(A) 2020
(B) 2021
(C) 2022
(D) 2023

Ans- (D) 2023

Q. 2030 तक भारत की अनुमानित पिक (peak) बिजली मांग कितनी होगी?
(A) 250 GW
(B) 300 GW
(C) 370 GW
(D) 500 GW

Ans – (C) 370 GW

Q. IOCL ओडिशा के किस स्थान पर ₹61,000 करोड़ की लागत से पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स बना रही है?
(A) कटक
(B) अंगुल
(C) कलिंगनगर
(D) पारादीप

Ans – (D) पारादीप

Q. छत्तीसगढ़ का पहला माओवाद मुक्त गांव कौन सा है जहाँ प्रशासन ने सुविधा शिविर लगाया?
(A) भेजी
(B) तोंगपाल
(C) बड़ेसेट्टी
(D) कोंटा

Ans – (C) बड़ेसेट्टी

Q. दंतेवाड़ा साइंस सेंटर बच्चों को किससे जोड़ने का माध्यम बन रहा है?
(A) खेल जगत से
(B) विज्ञान और तकनीक की दुनिया से
(C) संगीत और कला से
(D) सैन्य प्रशिक्षण से

Ans – (B) विज्ञान और तकनीक की दुनिया से

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