Current Affairs 30 April 2025 in Hindi
Current Affairs 29 April 2025 in Hindi – अगर आप बैंकिंग, SSC, UPSC, PSC, रेलवे या अन्य सरकारी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो करेंट अफेयर्स आपकी सफलता की कुंजी है। 29 अप्रैल 2025 के सभी महत्वपूर्ण समाचारों का यह विस्तृत लेख, हिंदी में, एक ही स्थान पर उपलब्ध है – जिससे आप परीक्षा में पूछे जाने वाले सवालों के लिए पूरी तरह से तैयार हो सकें। यहाँ दिए गए सभी समाचार विश्वसनीय स्रोतों से लिए गए हैं और परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत उपयोगी हैं।
Current Affairs 29 April 2025 in Hindi
29 अप्रैल 2025 करेंट अफेयर्स
Today Current Affairs Hindi
April 2025 Daily Current Affairs
करेंट अफेयर्स हिंदी UPSC/SSC
अंतरराष्ट्रीय समाचार (International Current Affairs)
भारत पाकिस्तान को जाने वाले थर्ड-पार्टी ट्रेड रूट करेगा बंद – $10 अरब के परोक्ष व्यापार पर लगेगा ब्रेक
भारत सरकार ने पाकिस्तान को भेजे जा रहे भारतीय उत्पादों की थर्ड-पार्टी ट्रेड रूट के माध्यम से हो रही आपूर्ति को बंद करने की योजना बनाई है। यह कदम जम्मू-कश्मीर में हाल ही में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में उठाया गया है जिसमें 22 अप्रैल को 26 लोगों की जान गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, भारत से प्रतिवर्ष $10 बिलियन मूल्य के उत्पाद पाकिस्तान में पहुँचते हैं, जो कि द्विपक्षीय व्यापार से दस गुना अधिक है। ये उत्पाद दुबई, सिंगापुर और कोलंबो जैसे देशों के माध्यम से ‘बॉन्डेड वेयरहाउस’ में रीलैबल होकर ‘Made in UAE’ जैसे लेबल के साथ पाकिस्तान में बेचे जाते हैं।
Amazon ने लॉन्च किए Kuiper सैटेलाइट्स, Starlink को चुनौती
Amazon ने अपने इंटरनेट प्रोजेक्ट Kuiper के तहत पहले 27 सैटेलाइट्स फ्लोरिडा से लॉन्च किए हैं। यह लॉन्चिंग SpaceX की Starlink सेवा को टक्कर देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। कुल 3,236 सैटेलाइट्स भेजने की योजना के साथ, इस प्रोजेक्ट की लागत लगभग $10 बिलियन है। Kuiper प्रोजेक्ट का उद्देश्य ग्रामीण और कमजोर इंटरनेट वाले क्षेत्रों में ब्रॉडबैंड सेवा प्रदान करना है। यह लॉन्च Atlas V रॉकेट से Cape Canaveral Space Force Station से किया गया। इससे पहले खराब मौसम के कारण 9 अप्रैल की लॉन्चिंग रद्द कर दी गई थी। Amazon को 2026 के मध्य तक अपने 1,618 सैटेलाइट्स की तैनाती पूरी करनी है, जो FCC की शर्त है। फिलहाल Elon Musk की Starlink पहले ही 8,000 से अधिक सैटेलाइट्स लॉन्च कर चुकी है।
भारत-अमेरिका मई से शुरू करेंगे प्रत्यक्ष सेक्टोरल व्यापार वार्ता
भारत और अमेरिका मई के अंत से प्रत्यक्ष सेक्टोरल व्यापार वार्ताओं की शुरुआत करेंगे, जिसका उद्देश्य प्रारंभिक “mutual wins” यानी साझा लाभ के साथ एक प्रारंभिक समझौता (early harvest deal) करना है। इस समझौते से अमेरिका द्वारा 9 जुलाई से लागू होने वाले अतिरिक्त टैरिफ को टालने में मदद मिल सकती है।
23-25 अप्रैल को वॉशिंगटन में दोनों देशों के व्यापार वार्ताकारों के बीच तीन दिवसीय बैठक हुई, जिसमें टैरिफ और नॉन-टैरिफ मुद्दों पर चर्चा हुई। इससे पहले मार्च में दिल्ली में पहली बार प्रत्यक्ष बातचीत हुई थी। दोनों देश 2025 की शरद ऋतु तक बहुपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) की पहली किश्त को अंतिम रूप देने की योजना पर काम कर रहे हैं।
संभावना है कि जुलाई की समयसीमा से पहले एक आंशिक समझौता हो जाएगा जिससे अमेरिका और भारत दोनों को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लाभ मिलेगा। अमेरिकी कंपनियों को भारतीय बाजार तक पहुंच और भारत को व्यापारिक टैरिफ से राहत मिल सकती है।
राष्ट्रीय समाचार (National Current Affairs)
केंद्र सरकार 100 GW अतिरिक्त कोयला आधारित बिजली क्षमता का लक्ष्य
केंद्र सरकार कोयला आधारित बिजली उत्पादन क्षमता में 100 गीगावाट (GW) की वृद्धि करने पर विचार कर रही है ताकि बिजली की बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। भारत की ऊर्जा मांग सालाना 6-7% की दर से बढ़ रही है, जबकि कई विकसित देशों में यह स्थिर हो चुकी है। भारत में प्रति व्यक्ति ऊर्जा खपत वैश्विक औसत से आधी है, लेकिन तेज़ी से बढ़ रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अक्षय ऊर्जा (सोलर, विंड) की क्षमता भले ही बढ़ रही हो, लेकिन यह इंटरमिटेंट (अस्थिर) होती है और इसे पूरी तरह से उपयोग करने के लिए स्थिर ‘बेस लोड’ पावर (जैसे कोयला बिजली) आवश्यक है। यदि बेस लोड न मिले, तो ग्रिड फ्रीक्वेंसी गिरती है और बिजली आपूर्ति अस्थिर हो जाती है, जिससे ब्लैकआउट जैसे हालात बन सकते हैं।
स्पेन और पुर्तगाल में हाल ही में हुए देशव्यापी ब्लैकआउट का कारण सौर ऊर्जा प्रणाली में खराबी को माना गया है। भारत सरकार का मानना है कि ग्रीन एनर्जी के ट्रांजिशन के साथ-साथ विकास और ग्रिड स्थिरता भी ज़रूरी है, और इसलिए कोयला आधारित संयंत्रों को पूरी तरह से बंद नहीं किया जा सकता।
KIIT ने रचा इतिहास – THE Asia University Rankings 2025 में एशिया में 184वां और भारत में 8वां स्थान प्राप्त किया
KIIT (Kalinga Institute of Industrial Technology), भुवनेश्वर ने Times Higher Education (THE) Asia University Rankings 2025 में एशिया में 184वां और भारत में 8वां स्थान प्राप्त किया है। यह पिछले वर्ष की रैंकिंग (196) की तुलना में एक बड़ा सुधार है, जिससे संस्थान की वैश्विक शैक्षणिक प्रतिष्ठा में निरंतर वृद्धि को बल मिलता है।
KIIT को भारत की शीर्षस्थ Deemed यूनिवर्सिटी के रूप में मान्यता प्राप्त है, खासकर पूर्वी और उत्तरी भारत में। खेल विज्ञान (Sports Science) विषय में इसे भारत में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है। इस वर्ष की रैंकिंग 35 देशों/क्षेत्रों के 853 विश्वविद्यालयों पर आधारित है और इसमें शोध, शिक्षण, ज्ञान हस्तांतरण और अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण को परखा गया।
KIIT के संस्थापक प्रोफेसर अच्युत सामंत ने इस उपलब्धि का श्रेय संकाय, छात्रों, पूर्व छात्रों और शुभचिंतकों को दिया। उन्होंने इसे KIIT की सामूहिक प्रतिबद्धता और मिशन-चालित दृष्टिकोण का परिणाम बताया।
KIIT को THE और QS Rankings जैसे वैश्विक प्लेटफॉर्म पर निरंतर स्थान मिला है। साथ ही इसे IET, ABET जैसी अंतरराष्ट्रीय मान्यताएं भी प्राप्त हैं। यह उल्लेखनीय है कि सिर्फ 27 वर्ष पुरानी संस्था होते हुए भी KIIT ने कई ऐसी संस्थाओं को पीछे छोड़ा है जो 50 वर्षों से अधिक पुरानी हैं। Deemed-to-be-University का दर्जा भी इसे केवल 21 वर्ष पहले मिला।
‘प्रतिभा, मानसिकता और तकनीक भारत का भविष्य बदलेंगे’ – प्रधानमंत्री मोदी का YUGM कॉन्क्लेव में संबोधन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने YUGM इनोवेशन कॉन्क्लेव में संबोधित करते हुए कहा कि प्रतिभा, मानसिकता और तकनीक की त्रिमूर्ति भारत के भविष्य को रूपांतरित करेगी। उन्होंने शोध और नवाचार को तेज़ी से आम जनता तक पहुँचाने के लिए नियमों को सरल बनाने और अनुमतियों की प्रक्रिया को तेज़ करने की आवश्यकता पर बल दिया।
प्रधानमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि वह ‘वर्तमान स्थिति’ (जैसे आतंकवादी घटनाएं) पर नहीं बल्कि भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा पर बात कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 2014 में हर वर्ष 40,000 पेटेंट दायर होते थे, जो अब 80,000 से अधिक हो गए हैं। यह देश में बौद्धिक संपदा पारिस्थितिकी तंत्र को युवाओं से मिल रहे समर्थन को दर्शाता है।
उन्होंने ₹50,000 करोड़ की राष्ट्रीय अनुसंधान निधि, वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन, और प्रधानमंत्री अनुसंधान फैलोशिप जैसी योजनाओं का उल्लेख किया। पिछले दशक में भारत का R&D व्यय ₹60,000 करोड़ से बढ़कर ₹1.25 लाख करोड़ हो गया है। 6000 उच्च शिक्षण संस्थानों में अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ स्थापित किए गए हैं।
मोदी ने भारत में बने हाइपरलूप ट्रैक (IIT मद्रास व रेलवे), ‘ब्रेन ऑन ए चिप’ (IISC), और पहली स्वदेशी MRI मशीन जैसी उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए इसे युवाशक्ति का प्रमाण बताया।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि अगले 5 वर्षों में देशभर के स्कूलों में 50,000 नए अटल टिंकरिंग लैब्स खोले जाएंगे। उन्होंने ‘YUGM’ को एकता, दृष्टिकोण और नवाचार का प्रतीक बताया।
27 अप्रैल 2025 करेंट अफेयर्स – छत्तीसगढ़ विशेष (CG Current Affairs)
आस्था – अपार श्रद्धा है गुड़मुड़ा बाबा
गुड़मुड़ा बाबा स्थल जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड में स्थित है। यहां बाबा की समाधि स्थल है जिसे ‘गुड़मुड़ा धाम’ कहा जाता है। यह स्थान न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि सामाजिक एकता का भी प्रतीक है। यहाँ हर साल मेला लगता है, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। मान्यता है कि बाबा सबकी मनोकामना पूरी करते हैं। यह स्थान प्राकृतिक सौंदर्य से भी भरपूर है।
देवसील में आज भी रामायणकालीन प्रमाण देखे जा सकते हैं
बलरामपुर जिले के उदय नगर के देवसील की पहाड़ी पर स्थित प्राकृतिक गुफा में खुदाई के बाद कई चिह्न सामने आए हैं। पुरातत्वविदों के अनुसार यहां रामायणकालीन युग से जुड़े प्रमाण मिलते हैं। यह स्थल पौराणिक और ऐतिहासिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इस गुफा में नल-नील के पदचिह्न, रामायणकालीन गुफा और तीर चलाने के चिह्न आज भी देखे जा सकते हैं। जनमान्यता है कि राम ने यहां कुछ समय विश्राम किया था। पर्यटन और शोध की दृष्टि से यह स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण बन गया है।
छत्तीसगढ़ी भाषा के सृजनधर्मी में डॉ. शेष के लेखन का विशेष योगदान
डॉ. शेष ने अपनी लेखनी से छत्तीसगढ़ी भाषा को नया स्वरूप प्रदान किया है। उनके साहित्य में लोक जीवन की सजीवता और यथार्थ झलकता है। छत्तीसगढ़ी कविता, कहानी, निबंध, समीक्षा, लोकभाषा, व्याकरण, व्यंग्य जैसे विविध विधाओं में उनका लेखन उल्लेखनीय रहा है। उनकी रचनाओं में “कबीर के छत्तीसगढ़ी दोहे“, “छत्तीसगढ़ी भाषा और व्याकरण“, “लोक कथा परंपरा“, “बोलचाल के मुहावरे“, “छत्तीसगढ़ी शब्दकोश” आदि प्रमुख हैं।
सरगुजा अंचल में भित्तिचित्र
छत्तीसगढ़ अंचल के सरगुजा सहित बलरामपुर अंबिकापुर अंचल आने वाले गांव गढ़, फुलझर, नवापारा, नवागढ़, उदय नगर आदि में दीवारों की रंगीन छवियों में समाज और संस्कार के कई प्रतीक चिन्ह देखे जा सकते हैं। घरों की बाहरी दीवारों में हर साल नई मिट्टी से लीपकर भित्तिचित्र बनाए जाते हैं। इन भित्तिचित्रों में तुलसी चौरा, बैल गाड़ी, ग्रामीण मेले, राऊत नाचा, छत्तीसगढ़ी नृत्य, लोक गाथाएं आदि जीवंत रूप में दीवारों पर चित्रित होती हैं। यह कला न केवल रंग-बिरंगी होती है बल्कि इसे बनाने वाली महिलाएं खुद अपने जीवन और परिवेश के अनुसार इसमें रंग भरती हैं। भित्तिचित्रों की विविधता भी कला के विकास को दर्शाता है।
स्वतंत्रता संग्राम में क्षेत्रीय आंदोलनों का योगदान (कंडेल नहर सत्याग्रह)
1. ऐतिहासिक पृष्ठभूमि:
- 1920 में ब्रिटिश शासन द्वारा किसानों से जबरन नहर कर वसूला गया।
- किसानों को बिना जल आपूर्ति के भी कर देना पड़ रहा था।
2. आंदोलन का नेतृत्व:
- बाबू छोटे लाल श्रीवास्तव ने नेतृत्व कर जनजागरण अभियान चलाया।
- आंदोलन शांतिपूर्ण और गांधीवादी पद्धति से हुआ।
3. गांधी जी की प्रतिक्रिया:
- आंदोलन की गूंज राष्ट्रीय स्तर पर पहुँची।
- महात्मा गांधी रायपुर आए और सत्याग्रह का समर्थन किया।
4. सामाजिक योगदान:
- बाबू श्रीवास्तव ने सार्वजनिक पुस्तकालय की स्थापना की।
- धमतरी पालिका के चेयरमैन के रूप में प्रभावी प्रशासन दिया।
5. राष्ट्रीय पहचान:
- राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा द्वारा सम्मानपूर्वक स्मरण।
- अखिल भारतीय कृषक कांग्रेस में सक्रिय भागीदारी।
निष्कर्ष: कंडेल नहर सत्याग्रह भारत के स्वतंत्रता संग्राम में एक महत्त्वपूर्ण अध्याय है जो यह दर्शाता है कि कैसे क्षेत्रीय आंदोलनों ने राष्ट्रीय संघर्ष को ऊर्जा दी। बाबू छोटे लाल श्रीवास्तव जैसे नेता स्थानीय समस्याओं को राष्ट्रीय मंच तक लाने में सफल रहे।
बस्तर में बनेगा अब जैन तीर्थ पर्यटन पथ
1. ऐतिहासिक महत्व:
- बस्तर में जैन धर्म की मूर्तियां लगभग 1000 वर्ष पुरानी हैं।
- चालुक्य वंश की रानी शांति देवी द्वारा मूर्ति स्थापना।
- नागवंशी राजाओं का शासन और सांस्कृतिक संरक्षण।
2. सांस्कृतिक विविधता:
- जैन, बौद्ध, और शेष-वैष्णव धर्म की मूर्तियों की उपस्थिति एक समावेशी सांस्कृतिक परंपरा को दर्शाती है।
3. संरक्षित विरासत और संरक्षण की चुनौती:
- पुरातत्व विभाग द्वारा उपेक्षित मूर्तियों का संरक्षण अब स्थानीय समाज द्वारा किया जा रहा है।
4. पर्यटन की संभावनाएं:
- “जैन तीर्थ पर्यटन पथ” निर्माण से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
- राज्य पर्यटन मंडल का इसमें सक्रिय हस्तक्षेप।
5. शिक्षा और ग्रंथ रचना:
- प्राचीन जैन ग्रंथों की रचना और संग्रह की परंपरा, विशेषकर भोज काल में।
निष्कर्ष:
बस्तर न केवल प्राकृतिक विविधता का केंद्र है, बल्कि यह भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का भी एक अमूल्य भंडार है। यदि संरक्षित और सुव्यवस्थित तरीके से इसका विकास किया जाए, तो यह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बन सकता है।
छत्तीसगढ़ की प्राचीन गुफा मंडीप खोल
राजनांदगांव जिले के बोरतरा गांव के पास स्थित मंडीप खोल गुफा एक अत्यंत प्राचीन और रहस्यमयी स्थल है जो साल में केवल एक बार, अक्षय तृतीया के बाद पड़ने वाले पहले सोमवार को आम श्रद्धालुओं के लिए खोली जाती है।
यह गुफा पहुंचने के लिए कठिन भौगोलिक मार्ग से गुजरना होता है, जिसमें एक ही नदी को लगभग 16 बार पार करना पड़ता है। गुफा तक का मार्ग ऊबड़-खाबड़ पहाड़ियों से होकर जाता है और स्थायी पुल या मार्ग नहीं है।
ऐसी मान्यता है कि बोरतरा गांव के जमींदार परिवार के पूर्वजों ने तपस्या कर इस गुफा का अनुभव किया और इसे एक दिव्य प्राकृतिक मार्ग माना जाता है।
प्रशासन इस एक दिन के लिए विशेष सुरक्षा और मार्गदर्शन की व्यवस्था करता है, लेकिन संरचित पर्यटन योजना की कमी अभी भी बनी हुई है। यह गुफा पुरातात्विक और ऐतिहासिक दृष्टि से अमूल्य धरोहर है।
प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु संभावित MCQ प्रश्न:
Q. बस्तर में हाल ही में पर्यटन पथ किस धर्म से संबंधित मूर्तियों के लिए विकसित किया जा रहा है?
A. बौद्ध धर्म
B. जैन धर्म
C. हिन्दू धर्म
D. इस्लाम धर्म
सही उत्तर: B. जैन धर्म
Q. भगवान पार्श्वनाथ की पद्मासन प्रतिमा बस्तर के किस क्षेत्र के पास पाई गई है?
A. मारकेल
B. ओडसा
C. गढ़धनोरा
D. भोपालपट्टनम
सही उत्तर: C. गढ़धनोरा
Q. कंडेल नहर सत्याग्रह किस वर्ष आरंभ हुआ था?
A. 1919
B. 1920
C. 1921
D. 1930
सही उत्तर: B. 1920
Q. कंडेल नहर सत्याग्रह का मुख्य कारण क्या था?
A. सड़कों की खराब स्थिति
B. जल की कमी
C. जबरन नहर कर वसूली
D. कर प्रणाली में बदलाव
उत्तर: C. जबरन नहर कर वसूली
Q. सरगुजा अंचल के किस जिले में भित्तिचित्रों की परंपरा हर वर्ष निभाई जाती है?
A. कोरबा
B. बलरामपुर
C. रायगढ़
D. गरियाबंद
उत्तर: B. बलरामपुर
Q. हल्बा समाज में “सुख चिवड़ा” किस अवसर पर विशेष रूप से दिया जाता है?
A. दशहरा
B. जन्मदिन
C. विवाह के बाद विदाई
D. फसल कटाई
उत्तर: C. विवाह के बाद विदाई
Q. Project Kuiper का पहला लॉन्च किस स्थान से किया गया था?
A. Kennedy Space Centre
B. Vandenberg Air Force Base
C. Cape Canaveral Space Force Station
D. Texas Launch Site
उत्तर: C. Cape Canaveral Space Force Station
Q. भारत से पाकिस्तान को सबसे ज़्यादा थर्ड-पार्टी ट्रेड के माध्यम से कौन-से देश उपयोग किए जाते हैं?
A. अमेरिका, रूस, चीन
B. दुबई, सिंगापुर, कोलंबो
C. अफगानिस्तान, ईरान, नेपाल
D. कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, जापान
उत्तर: B. दुबई, सिंगापुर, कोलंबो
Q. स्पेन और पुर्तगाल में हाल ही में किस कारण से देशव्यापी ब्लैकआउट हुआ?
A. कोयला संयंत्र की विफलता
B. ग्रिड में साइबर हमला
C. सौर परियोजना में गड़बड़ी
D. जल विद्युत संयंत्र की खराबी
उत्तर: C. सौर परियोजना में गड़बड़ी
Q. THE Asia University Rankings 2025 में KIIT को एशिया में कौन सा स्थान प्राप्त हुआ है?
A. 196वां
B. 150वां
C. 184वां
D. 100वां
उत्तर: C. 184वां
Q. पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने कौन-सी प्रमुख संधि निलंबित कर दी?
A. शिमला समझौता
B. सियाचिन संधि
C. इंदस जल संधि
D. कारगिल वार ट्रूथ एक्ट
उत्तर: C. इंदस जल संधि
Q. मंडीप खोल गुफा आम श्रद्धालुओं के लिए वर्ष में कितनी बार खोली जाती है?
A. दो बार
B. हर माह
C. केवल एक बार
D. चार बार
उत्तर: C. केवल एक बार
Q. मंडीप खोल गुफा किस राज्य के किस जिले में स्थित है?
A. मध्य प्रदेश – शहडोल
B. झारखंड – दुमका
C. छत्तीसगढ़ – राजनांदगांव
D. महाराष्ट्र – गोंदिया
उत्तर: C. छत्तीसगढ़ – राजनांदगांव
