Current Affairs 27 April 2025 in Hindi | आज के करेंट अफेयर्स हिंदी में

current affairs 27 april 2025

Current Affairs 27 April 2025 in Hindi Current Affairs 27 April 2025 in Hindi – अगर आप बैंकिंग, SSC, UPSC, PSC, रेलवे या अन्य सरकारी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो करेंट अफेयर्स आपकी सफलता की कुंजी है। 27 अप्रैल 2025 के सभी महत्वपूर्ण समाचारों का यह विस्तृत लेख, हिंदी में, एक ही स्थान पर उपलब्ध है – जिससे आप परीक्षा में पूछे जाने वाले सवालों के लिए पूरी तरह से तैयार हो सकें। यहाँ दिए गए सभी समाचार विश्वसनीय स्रोतों से लिए गए हैं और परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत उपयोगी हैं। Current Affairs 27 April 2025 in Hindi27 अप्रैल 2025 करेंट अफेयर्सToday Current Affairs HindiApril 2025 Daily Current Affairsकरेंट अफेयर्स हिंदी UPSC/SSC अंतरराष्ट्रीय समाचार (International Current Affairs) भारत-चीन संबंधों में नई शुरुआत भारत और चीन के बीच 2020 में गलवान घाटी में हुए तनाव के बाद स्थगित की गई कैलाश मानसरोवर यात्रा इस वर्ष जून से फिर शुरू होगी। यह दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।पूर्वी लद्दाख में सैनिकों के विस्थापन (डिसएंगेजमेंट) के बाद यह पहली बड़ी पहल है। भारत सरकार ने घोषणा की है कि जून से अगस्त 2025 के बीच यात्रा आयोजित की जाएगी।यात्रा के लिए इस वर्ष कुल 15 बैच भेजे जाएंगे, जिनमें से 5 बैच उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे से और 10 बैच सिक्किम के नाथुला दर्रे से गुजरेंगे। प्रत्येक बैच में 50 यात्री होंगे।यात्रियों का चयन निष्पक्ष, कंप्यूटर जनित, यादृच्छिक (random) और लैंगिक संतुलन (gender-balanced) के आधार पर होगा।विदेश सचिव विक्रम मिस्री की जनवरी में चीन यात्रा के बाद इस मुद्दे पर बातचीत में तेजी आई थी।मोदी-शी जिनपिंग की अक्टूबर में हुई बैठक के परिणामस्वरूप यह पहल संभव हुई है। भारत अन्य मुद्दों पर भी प्रगति की उम्मीद कर रहा है, विशेषकर सीमा पर सैनिकों की संख्या में कमी लाने के प्रयासों को लेकर। UNSC ने पहलगाम हमले की निंदा की संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है, जिसमें 22 अप्रैल को 26 लोग मारे गए थे।सुरक्षा परिषद ने इस “निंदनीय आतंकवादी कृत्य” के जिम्मेदार लोगों को न्याय के कटघरे में लाने की आवश्यकता पर बल दिया है।परिषद ने सभी देशों से आह्वान किया कि वे अंतरराष्ट्रीय कानून और सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के तहत सहयोग करें।फ्रांस, जो अप्रैल माह के लिए सुरक्षा परिषद का अध्यक्ष है, ने यह प्रेस बयान जारी किया। यह भी बताया गया कि प्रारंभिक ड्राफ्ट अमेरिका द्वारा प्रस्तावित किया गया था।परिषद ने भारत और नेपाल की सरकारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।साथ ही, उन्होंने दोहराया कि आतंकवाद किसी भी रूप में अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है, और सभी देशों को इसके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत काम करना चाहिए।संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता ने भारत-पाकिस्तान के बीच स्थिति पर गहरी चिंता जताई और दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की ताकि हालात और न बिगड़ें। विश्व बैंक की चेतावनी: बढ़ते कर्ज संकट और धीमी वृद्धि से जूझते उभरते बाजार विश्व बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री इंदरमीत गिल ने चेतावनी दी है कि वैश्विक व्यापार में बढ़ती अनिश्चितता उभरते बाजारों और विकासशील देशों के लिए कर्ज और मंदी की समस्याओं को और गंभीर बना रही है।उन्होंने सुझाव दिया कि इन देशों को अपने टैरिफ घटाकर व्यापार को बढ़ावा देना चाहिए।गिल ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित उच्च टैरिफ और अन्य देशों (चीन, यूरोपीय संघ, कनाडा आदि) द्वारा की गई जवाबी कार्रवाइयों के चलते वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ा है।IMF ने 2025 के लिए वैश्विक विकास दर का अनुमान घटाकर 2.8% कर दिया है, जो जनवरी के अनुमान से आधा प्रतिशत कम है।गिल ने कहा कि मौजूदा संकट सरकार की नीतियों के कारण है, इसलिए इसे पलटना संभव है।वैश्विक व्यापार वृद्धि दर घटकर अब मात्र 1.5% रह गई है, जो 2000 के दशक में 8% थी।FDI (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) भी तेजी से घटा है — पहले यह उभरते बाजारों में GDP का 5% था, अब केवल 1% रह गया है।उन्होंने चेताया कि लगभग 150 विकासशील देशों में से आधे देश कर्ज चुकाने में असमर्थ हैं या जोखिम में हैं, और यदि वैश्विक अर्थव्यवस्था और धीमी हुई, तो यह संकट और गहरा सकता है। भारत के लिए वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में नई संभावनाएँ IMD बिजनेस स्कूल (स्विट्ज़रलैंड) के प्रोफेसर रिचर्ड बाल्डविन ने कहा कि वर्तमान अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध के दौरान भारत के पास वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में मजबूत पकड़ बनाने का अवसर है, जैसा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद लैटिन अमेरिका ने किया था।बाल्डविन ने सुझाव दिया कि भारत को चीन से डंपिंग को नियंत्रित करने के लिए WTO के अनुरूप कदम उठाने चाहिए और साथ ही ज्यादा से ज्यादा मुक्त व्यापार समझौते (FTAs) भी करने चाहिए।उन्होंने कहा कि अमेरिका केवल 15% वैश्विक आयात करता है, जबकि बाकी 85% बाजार भारत के लिए खुला है, इसलिए वैश्विक व्यापार उदारीकरण का लाभ उठाना जरूरी है।भारत के लिए यह समय चीन के विकल्प के रूप में उभरने का है, विशेषकर जब कंपनियाँ जोखिम प्रबंधन के लिए चीन के बाहर निवेश के अवसर ढूंढ रही हैं।उन्होंने कहा कि चीन के खिलाफ एंटी-डंपिंग शुल्क और पश्चिमी देशों के साथ स्मार्ट FTA हस्ताक्षर करना भारत के लिए सबसे बेहतर रणनीति होगी।भारत के लिए RCEP में शामिल होना या पश्चिमी देशों की ओर झुकाव, दोनों ही राजनीतिक-आर्थिक निर्णय हैं, और प्राथमिकता डंपिंग जोखिम को संभालने और व्यापार समझौतों पर ध्यान देने की होनी चाहिए। राष्ट्रीय समाचार (National Current Affairs) रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ा रही सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को 15वें रोजगार मेले को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी सरकार रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ाने के लिए कई कदम उठा रही है।इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न सरकारी विभागों में नियुक्त 51,000 से अधिक लोगों को नियुक्ति पत्र भी वितरित किए।मोदी ने कहा कि वर्तमान समय युवाओं के लिए अभूतपूर्व अवसरों का समय है।उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भारत को सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बताया है और हर क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं।प्रधानमंत्री ने सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते … Read more