रसायन विज्ञान में नोबेल पुरस्कार 2025: मेटल ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क (MOFs) – Rasayan Vigyan Nobel Prize winners 2025

Rasayan vigyan me nobel prize winners 2025

रसायन विज्ञान में नोबेल पुरस्कार 2025 Rasayan Vigyan Nobel Prize winners 2025: वर्ष 2025 का रसायन विज्ञान का नोबेल पुरस्कार सुसुमु किटागावा, रिचर्ड राब्सन और ओमर यागी को मेटल ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क (MOF) की खोज और विकास के लिए दिया गया। यह खोज धातु और कार्बनिक यौगिकों को जोड़कर एक ऐसा नया ढांचा बनाती है जो विज्ञान और पर्यावरण दोनों के लिए क्रांतिकारी सिद्ध हुआ है। MOF ऐसे छिद्रयुक्त क्रिस्टल हैं जो गैसों और जल अणुओं को अवशोषित कर सकते हैं, हानिकारक रसायनों को फ़िल्टर कर सकते हैं और यहां तक कि रेगिस्तानी हवा से पानी भी निकाल सकते हैं। यह खोज न केवल वैज्ञानिक दृष्टि से बल्कि सतत विकास के दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। खोज 1970 के दशक में ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न विश्वविद्यालय के रिचर्ड राब्सन ने सबसे पहले धातु आयनों और कार्बनिक अणुओं को जोड़ने का विचार प्रस्तुत किया। उनके प्रारंभिक ढांचे अस्थिर थे, परंतु इसने वैज्ञानिक अनुसंधान की नई दिशा खोली। 1990 के दशक में सुसुमु किटागावा ने इन ढांचों को लचीला बनाया ताकि गैसें इनके भीतर से प्रवाहित हो सकें। इसके बाद ओमर यागी ने कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, बर्कले में इन्हें स्थिर बनाया और मेटल ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क (MOF) नाम दिया। उन्होंने दिखाया कि ये संरचनाएँ जलवायु और पर्यावरणीय समस्याओं के समाधान में कैसे सहायक हो सकती हैं। वैज्ञानिक महत्व MOF आधुनिक रसायन विज्ञान की सबसे बड़ी खोजों में से एक है। इनकी संरचना अत्यंत छिद्रयुक्त होती है, जिससे इनका उपयोग गैसों के संग्रहण, प्रदूषण नियंत्रण, ऊर्जा भंडारण और जल शोधन जैसे क्षेत्रों में किया जा सकता है। वर्षों के शोध के बाद वैज्ञानिकों ने हजारों प्रकार के MOF विकसित किए हैं, जो पर्यावरण संरक्षण और सतत तकनीक के लिए उपयोगी साबित हो रहे हैं। नोबेल समिति ने इसे जलवायु परिवर्तन और जल संकट जैसे वैश्विक मुद्दों के समाधान के लिए आशाजनक बताया है। पर्यावरणीय और औद्योगिक उपयोग चुनौतियाँ और भविष्य की दिशा प्रारंभिक MOF अस्थिर और महंगे थे। वर्षों के प्रयोगों और AI-आधारित डिजाइन के माध्यम से इन्हें मजबूत और टिकाऊ बनाया गया। अब वैज्ञानिक प्रयास कर रहे हैं कि इनका उत्पादन सस्ता हो और इन्हें विकासशील देशों में भी उपयोग किया जा सके। परीक्षा संबंधिता निष्कर्ष मेटल ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क की खोज यह दर्शाती है कि मानव जिज्ञासा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण मिलकर वैश्विक समस्याओं का समाधान खोज सकते हैं। यह खोज न केवल रसायन विज्ञान की जीत है बल्कि सतत विकास की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम भी है। UPSC व अन्य परीक्षाओं के लिए यह विषय वैज्ञानिक समझ और पर्यावरणीय दृष्टिकोण दोनों से अत्यंत महत्वपूर्ण है। MCQs Nobel Chemistry 2025 | Hindi MCQs प्रश्न 1. 2025 का रसायन विज्ञान का नोबेल पुरस्कार किसके लिए दिया गया? A. ग्रेफीन की खोज B. मेटल ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क C. क्वांटम डॉट्स D. डीएनए संपादन उत्तर व व्याख्या देखें उत्तर: (B) मेटल ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क 2025 के रसायन विज्ञान नोबेल का सम्मान मेटल–ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क (MOFs) की खोज एवं अनुप्रयोगों के लिए दिया गया। MOFs अति-छिद्रयुक्त क्रिस्टल होते हैं जिनका उपयोग CO₂ कैप्चर, जल-संग्रहण, गैस भंडारण तथा उत्प्रेरण जैसे क्षेत्रों में होता है। प्रश्न 2. इनमें से कौन-सा वैज्ञानिक इस वर्ष के नोबेल विजेताओं में नहीं है? A. सुसुमु किटागावा B. रिचर्ड रॉबसन C. उमर यागी D. इमैनुएल शार्पेंटियर उत्तर व व्याख्या देखें उत्तर: (D) इमैनुएल शार्पेंटियर 2025 के नोबेल विजेता MOFs पर कार्य के लिए सुसुमु किटागावा, रिचर्ड रॉबसन और उमर एम. यागी हैं। इमैनुएल शार्पेंटियर (CRISPR जीन संपादन) इस सूची में शामिल नहीं हैं।