Tribunal Reforms Bill 2026: भारत की ट्रिब्यूनल व्यवस्था में बड़े सुधार, National Tribunals Commission का प्रस्ताव

Tribunal Reforms Bill 2026 भारत की ट्रिब्यूनल व्यवस्था को अधिक स्वतंत्र, पारदर्शी, एकरूप और पेशेवर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण संस्थागत बदलाव प्रस्तावित करता है। बिल में National Tribunals Commission (NTC) के गठन का प्रस्ताव है, जो ट्रिब्यूनलों में नियुक्ति, प्रदर्शन की समीक्षा, शिकायतों से जुड़ी जांच और डेटा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण कार्य करेगा।

प्रस्तावित व्यवस्था में न्यायपालिका की प्रमुख भूमिका रखी गई है। इसका उद्देश्य ट्रिब्यूनलों की नियुक्ति और प्रशासन में कार्यपालिका के विवेक को सीमित करते हुए स्वतंत्रता और जवाबदेही के बीच बेहतर संतुलन स्थापित करना है।


Tribunal Reforms Bill 2026: प्रमुख बिंदु

विषयविवरण
बिलTribunal Reforms Bill, 2026
मुख्य उद्देश्यट्रिब्यूनल व्यवस्था में स्वतंत्रता, पारदर्शिता, एकरूपता और पेशेवर प्रशासन को मजबूत करना
प्रस्तावित संस्थाNational Tribunals Commission (NTC)
मुख्य कार्यनियुक्ति, प्रदर्शन समीक्षा, शिकायत जांच और डेटा प्रबंधन
दायरे में संस्थाएं16 ट्रिब्यूनल, अपीलीय अधिकरण और प्राधिकरण
प्रस्तावित कार्यकालसामान्यतः 5 वर्ष, निर्धारित आयु सीमा तक
डेटा व्यवस्थाNational Tribunals Data Grid
वित्तीय ऑडिटComptroller and Auditor-General of India (CAG)

Tribunal Reforms Bill 2026 क्या है?

Tribunal Reforms Bill, 2026 का उद्देश्य भारत की ट्रिब्यूनल व्यवस्था के लिए एक अधिक संगठित और संस्थागत ढांचा तैयार करना है। स्रोत सामग्री के अनुसार, बिल Tribunal Reforms Act, 2021 को निरस्त करने और उसके स्थान पर नई व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव करता है।

प्रस्तावित सुधारों में ट्रिब्यूनलों की नियुक्ति, कार्यकाल, प्रशासन, वित्तीय आवश्यकताओं, प्रदर्शन की निगरानी और शिकायतों से संबंधित प्रक्रियाओं को एक संस्थागत ढांचे के अंतर्गत लाने की बात कही गई है।

यह प्रस्ताव Madras Bar Association से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों में ट्रिब्यूनलों की स्वतंत्रता से संबंधित सिद्धांतों के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है।

बिल के दायरे में आने वाले 16 ट्रिब्यूनल और प्राधिकरण

प्रस्तावित व्यवस्था के अंतर्गत कुल 16 ट्रिब्यूनल, अपीलीय अधिकरण और प्राधिकरण सूचीबद्ध किए गए हैं।

क्रमट्रिब्यूनल / प्राधिकरणसंबंधित अधिनियम
1Customs, Excise and Service Tax Appellate TribunalCustoms Act, 1962
2Appellate TribunalSmugglers and Foreign Exchange Manipulators (Forfeiture of Property) Act, 1976
3Central Administrative TribunalAdministrative Tribunals Act, 1985
4State Administrative TribunalsAdministrative Tribunals Act, 1985
5Railway Claims TribunalRailway Claims Tribunal Act, 1987
6Securities Appellate TribunalSecurities and Exchange Board of India Act, 1992
7Debts Recovery TribunalRecovery of Debts and Bankruptcy Act, 1993
8Debts Recovery Appellate TribunalRecovery of Debts and Bankruptcy Act, 1993
9Telecom Disputes Settlement and Appellate TribunalTelecom Regulatory Authority of India Act, 1997
10Appellate Tribunal for ElectricityElectricity Act, 2003
11Armed Forces TribunalArmed Forces Tribunal Act, 2007
12National Green TribunalNational Green Tribunal Act, 2010
13National Company Law Appellate TribunalCompanies Act, 2013
14National Consumer Disputes Redressal CommissionConsumer Protection Act, 2019
15Industrial Tribunal constituted by the Central GovernmentIndustrial Relations Code, 2020
16Income-tax Appellate TribunalIncome-tax Act, 2025

National Tribunals Commission की स्थापना का प्रस्ताव

Tribunal Reforms Bill 2026 का सबसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव National Tribunals Commission (NTC) की स्थापना है। यह आयोग ट्रिब्यूनलों की नियुक्ति और प्रशासन से संबंधित महत्वपूर्ण कार्यों के लिए एक स्थायी संस्थागत व्यवस्था उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रस्तावित है।

प्रस्तावित आयोग में न्यायपालिका का प्रमुख प्रतिनिधित्व होगा और इसका उद्देश्य ट्रिब्यूनल प्रणाली की स्वतंत्रता को मजबूत करना है।

National Tribunals Commission की संरचना

प्रस्तावित आयोग में एक Chairperson और चार Members होंगे।

  • एक Chairperson, जो सुप्रीम कोर्ट के Judge या High Court के Chief Justice रह चुके हों।
  • दो Judicial Members, जो High Court के Chief Justice या Judge रह चुके हों।
  • दो Technical Members, जिनके पास संबंधित क्षेत्रों में कम से कम 25 वर्ष का अनुभव हो।

Technical Members के लिए सार्वजनिक प्रशासन, वित्त, कानून, लेखांकन, बैंकिंग, प्रबंधन या प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों का अनुभव निर्धारित किया गया है।

Chairperson और Judicial Members की औपचारिक नियुक्ति केंद्र सरकार करेगी, लेकिन इसके लिए भारत के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श का प्रावधान है।

National Tribunals Commission के प्रमुख कार्य

1. ट्रिब्यूनल सदस्यों का चयन

आयोग Search-cum-Selection Committees के माध्यम से विभिन्न ट्रिब्यूनलों में Chairperson और Members के रिक्त पदों के लिए चयन प्रक्रिया संचालित करेगा।

2. प्रदर्शन की समीक्षा

आयोग ट्रिब्यूनलों के प्रदर्शन की निगरानी करेगा और वार्षिक रिपोर्ट तैयार करेगा।

3. शिकायतों से संबंधित जांच

ट्रिब्यूनल सदस्यों के खिलाफ शिकायतों से संबंधित जांच की निगरानी भी आयोग करेगा।

4. National Tribunals Data Grid

आयोग National Tribunals Data Grid विकसित और संचालित करेगा। इसमें संबंधित 16 ट्रिब्यूनलों से जुड़े मामलों की जानकारी का repository उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है।

ट्रिब्यूनल सदस्यों का कार्यकाल

पदप्रस्तावित कार्यकाल
NTC Chairperson5 वर्ष या 70 वर्ष की आयु, जो पहले हो
NTC Member5 वर्ष या 70 वर्ष की आयु, जो पहले हो
Tribunal Member5 वर्ष या 67 वर्ष की आयु, जो पहले हो

प्रस्तावित ढांचे में पुनर्नियुक्ति की संभावना भी रखी गई है। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्ति की पिछली सेवा और प्रदर्शन को ध्यान में रखा जाएगा।

National Tribunals Commission Secretariat

National Tribunals Commission को प्रशासनिक सहायता प्रदान करने के लिए एक Secretariat की व्यवस्था प्रस्तावित है। इसका नेतृत्व भारत सरकार के Secretary स्तर के अधिकारी द्वारा किया जाएगा।

Secretariat के प्रमुख कार्य इस प्रकार हैं:

  • उम्मीदवारों के मूल्यांकन के लिए विशेषज्ञों का empanelment करना।
  • Search-cum-Selection Committee की सिफारिशों को केंद्र सरकार तक भेजना।
  • आयोग को प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराना।
  • आयोग की वार्षिक रिपोर्ट तैयार करना।

Search-cum-Selection Committee की सिफारिशों को Secretariat द्वारा तीन दिनों के भीतर केंद्र सरकार को भेजने का प्रावधान बताया गया है।

Search-cum-Selection Committee की भूमिका

विभिन्न ट्रिब्यूनलों में Chairperson और Members की नियुक्ति के लिए Search-cum-Selection Committees बनाई जाएंगी। इन समितियों का काम उम्मीदवारों का मूल्यांकन करना और नियुक्ति के लिए सिफारिश करना होगा।

Tribunal Chairperson के चयन की समिति

  1. National Tribunals Commission के Chairperson
  2. आयोग का Technical Member
  3. आयोग के Chairperson द्वारा नामित सेवानिवृत्त High Court Chief Justice
  4. केंद्र सरकार द्वारा नामित भारत सरकार के Secretary
  5. उम्मीदवारों का मूल्यांकन करने वाले दो empanelled experts
  6. आयोग के Secretary — Member Secretary

State Administrative Tribunals के Chairperson की नियुक्ति के मामले में संबंधित राज्य के Chief Secretary की भूमिका होगी।

Tribunal Member के चयन की समिति

  1. National Tribunals Commission का Judicial Member — Committee Chair
  2. आयोग का Technical Member
  3. आयोग के Chairperson द्वारा नामित सेवानिवृत्त High Court Judge
  4. केंद्र सरकार द्वारा नामित भारत सरकार के Secretary
  5. उम्मीदवारों का मूल्यांकन करने वाले दो empanelled experts
  6. आयोग के Secretary — Member Secretary

Selection Committee में Casting Vote का प्रावधान

Search-cum-Selection Committee के Chairperson के पास casting vote होगा। वहीं Member Secretary और expert Members को voting rights नहीं दिए गए हैं।

समिति के प्रमुख कार्य हैं:

  • Chairperson और Members के लिए उम्मीदवारों का चयन करना।
  • प्रत्येक रिक्त पद के लिए एक उपयुक्त उम्मीदवार की सिफारिश करना।
  • एक अतिरिक्त उम्मीदवार को waiting list में रखने की सिफारिश करना।
  • पुनर्नियुक्ति के मामलों में पिछली सेवा और प्रदर्शन पर विचार करना।

Secretariat को सिफारिशें केंद्र सरकार तक तीन दिनों के भीतर पहुंचानी होंगी। स्रोत सामग्री के अनुसार, सरकार को नियुक्ति प्रक्रिया को तीन महीने के भीतर पूरा करना होगा।

वित्तीय और प्रशासनिक स्वतंत्रता

बिल ट्रिब्यूनलों को वित्तीय और प्रशासनिक स्तर पर अधिक स्वायत्तता देने के लिए भी व्यवस्था प्रस्तावित करता है।

प्रत्येक ट्रिब्यूनल अपनी आवश्यकताओं का आकलन करेगा, जिसमें शामिल हैं:

  • वित्तीय आवश्यकताएं
  • कर्मचारियों की आवश्यकता
  • कार्यालय एवं परिसर की आवश्यकता

National Tribunals Commission का Secretariat इन आवश्यकताओं को एकत्र करेगा। इसके बाद आयोग एक निर्धारित ढांचे के आधार पर समग्र वित्तीय आवश्यकताओं का मूल्यांकन करेगा।

आवश्यक अनुदान केंद्र सरकार द्वारा संसदीय विनियोग की प्रक्रिया के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे।

CAG करेगा National Tribunals Commission का ऑडिट

प्रस्तावित व्यवस्था में Comptroller and Auditor-General of India (CAG) को आयोग के खातों के ऑडिट की जिम्मेदारी दी गई है।

ऑडिट रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी जाएगी और इसके बाद इसे संसद के दोनों सदनों के समक्ष रखा जाएगा। इससे वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने का उद्देश्य है।

Tribunal Reforms Bill 2026 का महत्व

प्रस्तावित सुधारों का उद्देश्य भारत की ट्रिब्यूनल व्यवस्था में एक साझा और स्थायी संस्थागत ढांचा विकसित करना है।

  • नियुक्ति प्रक्रिया में न्यायपालिका की भूमिका मजबूत होगी।
  • ट्रिब्यूनलों के लिए एक साझा संस्थागत व्यवस्था विकसित होगी।
  • उम्मीदवारों के मूल्यांकन में विशेषज्ञों की भूमिका बढ़ेगी।
  • ट्रिब्यूनलों के प्रदर्शन की निगरानी की व्यवस्था होगी।
  • शिकायतों से संबंधित जांच के लिए संस्थागत व्यवस्था होगी।
  • National Tribunals Data Grid के माध्यम से डेटा प्रबंधन किया जाएगा।
  • वित्तीय आवश्यकताओं के मूल्यांकन के लिए व्यवस्थित प्रक्रिया होगी।
  • नियुक्तियों में कार्यपालिका के विवेक को सीमित करने का प्रयास किया जाएगा।
  • वित्तीय जवाबदेही के लिए CAG ऑडिट की व्यवस्था होगी।

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

  • बिल: Tribunal Reforms Bill, 2026
  • प्रस्तावित आयोग: National Tribunals Commission
  • Judicial Members: 2
  • Technical Members: 2
  • Technical Members का अनुभव: कम से कम 25 वर्ष
  • NTC Chairperson की अधिकतम आयु: 70 वर्ष
  • Tribunal Member की अधिकतम आयु: 67 वर्ष
  • आयोग Chairperson/Member का कार्यकाल: 5 वर्ष या 70 वर्ष की आयु
  • Tribunal Member का कार्यकाल: 5 वर्ष या 67 वर्ष की आयु
  • Data System: National Tribunals Data Grid
  • वित्तीय ऑडिट: CAG
  • चयन प्रक्रिया: Search-cum-Selection Committee
  • Casting Vote: Committee Chair
  • Secretariat द्वारा सिफारिश भेजने की अवधि: 3 दिन
  • सरकार द्वारा नियुक्ति की अवधि: 3 महीने
  • सूचीबद्ध संस्थाओं की संख्या: 16

Tribunal Reforms Bill 2026: महत्वपूर्ण टाइमलाइन

समयघटना
2021Tribunal Reforms Act, 2021
2026Tribunal Reforms Bill, 2026
अगस्त 2026स्रोत सामग्री के अनुसार संसद द्वारा बिल पारित किया गया
आगेप्रस्तावित National Tribunals Commission और संबंधित संस्थागत व्यवस्था

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. Tribunal Reforms Bill 2026 का मुख्य उद्देश्य क्या है?

इसका उद्देश्य भारत की ट्रिब्यूनल व्यवस्था को अधिक स्वतंत्र, पारदर्शी, एकरूप और पेशेवर बनाना है।

2. National Tribunals Commission क्या है?

यह प्रस्तावित संस्थागत निकाय है, जिसे ट्रिब्यूनलों की नियुक्ति, प्रदर्शन समीक्षा, शिकायत जांच और डेटा प्रबंधन जैसे कार्य देने का प्रस्ताव है।

3. National Tribunals Commission में कितने Judicial Members होंगे?

प्रस्तावित संरचना में दो Judicial Members होंगे।

4. Technical Members के लिए कितने वर्ष का अनुभव आवश्यक है?

Technical Members के लिए संबंधित क्षेत्रों में कम से कम 25 वर्ष के अनुभव का प्रावधान है।

5. Tribunal Member का कार्यकाल कितना होगा?

प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार कार्यकाल 5 वर्ष या 67 वर्ष की आयु तक, जो भी पहले हो, होगा।

6. NTC Chairperson का कार्यकाल कितना होगा?

Chairperson का कार्यकाल 5 वर्ष या 70 वर्ष की आयु तक, जो भी पहले हो, होगा।

7. National Tribunals Data Grid क्या है?

यह प्रस्तावित डिजिटल पोर्टल है, जिसमें संबंधित 16 ट्रिब्यूनलों से जुड़े मामलों की जानकारी का repository विकसित करने की बात कही गई है।

8. ट्रिब्यूनल सदस्यों की नियुक्ति कैसे होगी?

Search-cum-Selection Committees उम्मीदवारों की सिफारिश करेंगी और नियुक्ति प्रक्रिया में केंद्र सरकार की भूमिका बनी रहेगी।

9. Selection Committee में Casting Vote किसके पास होगा?

Committee Chair के पास casting vote होगा।

10. National Tribunals Commission के खातों का ऑडिट कौन करेगा?

आयोग के खातों का ऑडिट Comptroller and Auditor-General of India (CAG) द्वारा किया जाएगा।

निष्कर्ष

Tribunal Reforms Bill, 2026 भारत की ट्रिब्यूनल व्यवस्था को अधिक संगठित और संस्थागत ढांचे में लाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रस्ताव प्रस्तुत करता है। National Tribunals Commission, न्यायिक नेतृत्व वाली चयन प्रक्रिया, विशेषज्ञों की भागीदारी, प्रदर्शन निगरानी, National Tribunals Data Grid और CAG ऑडिट इसके प्रमुख घटकों में शामिल हैं।

प्रस्तावित व्यवस्था का केंद्रीय उद्देश्य ट्रिब्यूनलों की स्वतंत्रता, पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही के बीच संतुलन स्थापित करना है। इस विषय से संबंधित आगे के बदलावों और आधिकारिक अपडेट के लिए संसद तथा संबंधित सरकारी स्रोतों को प्राथमिकता देना उपयोगी रहेगा।

महत्वपूर्ण संदर्भ

  • Lok Sabha / Parliament of India
  • PRS India – The Tribunal System in India
  • India Code – Official Legislative Database