छत्तीसगढ़ का इतिहास और 36 गढ़ों का रहस्य: जानें स्थापना दिवस और राज्य के प्रतीक चिह्न (Chhattisgarh Sthapana Diwas History And State Symbols)

Chhattisgarh Sthapana Diwas 1 November history and state symbols like Hill Myna and Wild Buffalo

Chhattisgarh Sthapana Diwas History and State Symbols छत्तीसगढ़, जो अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, घने जंगलों, खनिज संपदा और भोली-भाली जनजातीय संस्कृति के लिए जाना जाता है, भारतीय गणराज्य का 26वां राज्य है। 1 नवंबर 2000 को मध्य प्रदेश के दक्षिण-पूर्व भाग को अलग करके इस नए राज्य की स्थापना की गई थी। आज Moolpath Academy के इस विशेष ‘CGPSC पिलर नोट्स’ में हम छत्तीसगढ़ राज्य के नामकरण, इसके प्राचीन इतिहास, 36 गढ़ों के रहस्य और राज्य के उन आधिकारिक प्रतीक चिह्नों (State Symbols) का गहन विश्लेषण करेंगे, जिनसे हर साल CGPSC और Vyapam की परीक्षाओं में सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं। चाहे आप आगामी CGPSC State Service Exam 2026 (सिलेबस और वेटेज) की तैयारी कर रहे हों या राज्य के एक जागरूक नागरिक हों, यह विस्तृत लेख आपके लिए छत्तीसगढ़ के गौरवशाली इतिहास को समझने का सबसे प्रामाणिक स्रोत साबित होगा। 1. छत्तीसगढ़ का प्राचीन इतिहास: रामायण और महाभारत काल छत्तीसगढ़ का भू-भाग अत्यंत प्राचीन है। प्राचीन काल में इसे ‘छत्तीसगढ़’ के नाम से नहीं जाना जाता था, बल्कि इसके अलग-अलग कालों में अलग-अलग नाम थे। रामायण काल में ‘दक्षिण कोसल’ रामायण काल में इस क्षेत्र को ‘दक्षिण कोसल’ (Dakshin Kosal) कहा जाता था। उत्तर कोसल की राजधानी अयोध्या थी, जबकि दक्षिण कोसल का विस्तार विंध्याचल पर्वत माला के दक्षिण में था। रामायण के अनुसार, राजा दशरथ की पत्नी कौशल्या इसी दक्षिण कोसल की राजकुमारी थीं। वाल्मीकि कृत रामायण में स्पष्ट रूप से उत्तर कोसल और दक्षिण कोसल का उल्लेख मिलता है। इस क्षेत्र के प्राचीन शासकों (जैसे कलचुरि शासक जाजल्लदेव प्रथम) के रतनपुर अभिलेखों में भी इस भू-भाग के लिए ‘दक्षिण कोसल’ नाम का प्रयोग हुआ है। महाकवि कालिदास रचित ‘रघुवंशम’ में भी कोसल और उत्तर कोसल का उल्लेख है, जिससे स्पष्ट होता है कि उस युग में वर्तमान छत्तीसगढ़ का क्षेत्र कोसल का ही भाग था। गुप्त काल और ‘महाकोसल’ का प्रयोग गुप्त काल में भी इसे कोसल ही कहा जाता था। प्रसिद्ध पुरातत्ववेत्ता अलेक्जेंडर कनिंघम (Alexander Cunningham) ने अपनी आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में इस क्षेत्र के लिए ‘महाकोसल’ शब्द का प्रयोग किया है। हालांकि, प्राचीन शिलालेखों या ताम्रपत्रों में ‘महाकोसल’ नाम का प्रयोग नहीं मिलता, बल्कि ‘कोसल’ या ‘दक्षिण कोसल’ ही मुख्य रूप से उपयोग किया गया है। रायबहादुर हीरालाल का मानना था कि चेदी वंशीय राजाओं का राज्य होने के कारण इसका प्राचीन नाम ‘चेदिसगढ़’ रहा होगा, जो कालांतर में अपभ्रंश होकर ‘छत्तीसगढ़’ बन गया, लेकिन इसके प्रामाणिक साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं। 2. ‘छत्तीसगढ़’ नामकरण का ऐतिहासिक और साहित्यिक सफर यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण प्रश्न है कि आखिर ‘छत्तीसगढ़’ शब्द का पहली बार प्रयोग कब और किसने किया? CGPSC प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा दोनों में यह टॉपिक अत्यधिक वेटेज रखता है। साहित्य में प्रथम प्रयोग (कवि दलराम राव – 1494) साहित्य के क्षेत्र में ‘छत्तीसगढ़’ नाम का सबसे पहला प्रयोग खैरागढ़ के राजा लक्ष्मीनिधि राय के चारण कवि दलराम राव ने सन् 1494 में किया था। उनकी प्रसिद्ध पंक्तियाँ थीं: “लक्ष्मीनिधि राय सुनो चित दे, गढ़ छत्तीस में न गढ़ैया रही।” जिस समय यह पंक्ति लिखी गई, वह भारत में सल्तनत काल था, जिससे यह प्रतीत होता है कि सल्तनत काल से ही इस भू-भाग के लिए ‘छत्तीसगढ़’ नाम प्रचलन में आने लगा था। गोपालचंद्र मिश्र की ‘खूब तमाशा’ (1686) इसके बाद, रतनपुर के कलचुरि राजा राजसिंह के दरबारी कवि गोपालचंद्र मिश्र ने अपनी प्रसिद्ध रचना ‘खूब तमाशा’ (सं. 1686) के छंद 7 में ‘छत्तीसगढ़’ नाम का उल्लेख किया था। बाबू रेवाराम की ‘विक्रम विलास’ (1896) मराठा काल के प्रसिद्ध साहित्यकार बाबू रेवाराम ने अपनी रचना ‘विक्रम विलास’ (सं. 1896) में भी इस शब्द का अत्यंत सुंदर वर्णन किया है: “तिनमें दक्षिण कोसल देसा, जहां हरि औतु केसरी बेसा, तासु मध्य छत्तीसगढ़ पावन, पुण्यभूमि सुर मुनिमन भावन।” प्रथम पुरातात्विक/शिलालेखीय साक्ष्य (दंतेवाड़ा – 1702) अगर हम शिलालेखों की बात करें, तो ‘छत्तीसगढ़ी’ शब्द का सबसे पहला उल्लेख दंतेवाड़ा में मिलता है। इतिहासकार डॉ. रमेन्द्रनाथ मिश्र के अनुसार, 31 मार्च 1702 को बस्तर के तत्कालीन राजा के राजगुरु और मैथिल पंडित भगवान मिश्र ने एक शिलालेख लिखा था। यह शिलालेख आज भी दंतेवाड़ा के दंतेश्वरी मंदिर में गर्भ गृह से पहले बने विशाल कक्ष की बाईं दीवार पर लगा हुआ है। 3. 36 गढ़ों का रहस्य और कलचुरि प्रशासन ‘छत्तीसगढ़’ का शाब्दिक अर्थ ‘छत्तीस (36) किले’ या ‘गढ़’ होता है। कलचुरि शासन काल में प्रशासनिक सुविधा के लिए राज्य को गढ़ों में विभाजित किया गया था। जे. डी. बेगलर (J.D. Beglar) की किंवदंती अलेक्जेंडर कनिंघम के सहयोगी जे. डी. बेगलर ने इस क्षेत्र का सर्वेक्षण किया था। उनके अनुसार एक जनश्रुति (किंवदंती) है कि जरासंध के शासनकाल में 36 चर्मकारों (Leatherworkers) के परिवार इस क्षेत्र में आकर बस गए थे। इन्हीं परिवारों ने एक नया राज्य बसाया जिसे ‘छत्तीसघर’ कहा गया, और यही बाद में ‘छत्तीसगढ़’ कहलाया। हालांकि, इतिहासकार इस सिद्धांत को पूरी तरह सत्य नहीं मानते, बल्कि प्रशासनिक गढ़ों के विभाजन को ही इसका मुख्य कारण मानते हैं। शिवनाथ नदी द्वारा 18-18 गढ़ों का विभाजन कलचुरियों के शासनकाल में छत्तीसगढ़ मुख्य रूप से दो शाखाओं में बंटा था—रतनपुर शाखा और रायपुर शाखा। इन दोनों शाखाओं के अधीन कुल 36 गढ़ (18-18 गढ़) थे। इन गढ़ों को शिवनाथ नदी भौगोलिक रूप से दो भागों में बांटती थी। शिवनाथ नदी के उत्तर में स्थित 18 गढ़ रतनपुर राज्य के अधीन थे, और शिवनाथ नदी के दक्षिण में स्थित 18 गढ़ रायपुर राज्य के अधिकार में थे। चिश्म (Chisholm) और हैविट (Hewitt) की रिपोर्ट में इन 36 गढ़ों की विस्तृत सूची दी गई है। रतनपुर के अंतर्गत आने वाले 18 गढ़ रतनपुर मारो विजयपुर खरौद कोटगढ़ नवागढ़ सोंढी औखर पंडरभाठा सेमरिया मदनपुर कोसगई लाफागढ़ केंदा उपरौड़ा मातिन कण्डरी (पेन्ड्रा) करकट्टी (अब बघेलखंड) रायपुर के अंतर्गत आने वाले 18 गढ़ रायपुर पाटन सिमगा सिंगारपुर लवन अमोरा दुर्ग सरदा (सारधा) सिरसा मोहदी खलारी सिरपुर फिंगेश्वर राजिम सिंघनगढ़ सुअरमार टेंगनागढ़ अकलतरा (एकलवार) 4. छत्तीसगढ़ के राजकीय प्रतीक (State Symbols of Chhattisgarh) 1 नवंबर 2000 को राज्य गठन के बाद, छत्तीसगढ़ की संस्कृति, वन्यजीव और कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था को दर्शाने के लिए विशिष्ट राजकीय प्रतीकों को अपनाया गया। राजकीय प्रतीक चिह्न (State Emblem) छत्तीसगढ़ का आधिकारिक प्रतीक चिह्न राज्य की विकास की अदम्य आकांक्षा और सुरक्षा को दर्शाता है। … Read more

Chhattisgarh Exam Paper Leak Special Court: छात्रों की बड़ी जीत! अब पेपर लीक करने वालों की खैर नहीं, राज्य में बनीं 3 नई स्पेशल कोर्ट

Chhattisgarh paper leak special courts established for CGPSC and Vyapam exams justice

Moolpath Academy के सभी CGPSC और Vyapam एस्पिरेंट्स के लिए बड़ी खबर! छत्तीसगढ़ में पेपर लीक और नकल रोकने के लिए रायपुर, बिलासपुर और बैकुंठपुर में 3 नई स्पेशल कोर्ट बन गई हैं। जानें नया कानून और सजा।

CG Current Affairs: महिला संपत्ति रजिस्ट्री पर 50% छूट, CGPSC के लिए 5 महत्वपूर्ण तथ्य

CG Mahila Registry Chhut छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था (CG Economy) और सरकारी योजनाओं (Govt Schemes) से जुड़े प्रश्न CGPSC और व्यापम (Vyapam) की परीक्षाओं में लगातार पूछे जाते हैं। हाल ही में राज्य कैबिनेट ने ‘महिला संपत्ति रजिस्ट्री’ को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है, जो आगामी परीक्षाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण है。 आइए, Moolpath Academy के नजरिए से इस टॉपिक का ‘करेंट अफेयर्स (Current Affairs)’ एनालिसिस करते हैं। करेंट अफेयर्स अपडेट: महिला संपत्ति रजिस्ट्री में 50% छूट महिला सशक्तिकरण (Women Empowerment) की दिशा में कदम उठाते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने यह घोषणा की है कि महिलाओं के नाम पर अचल संपत्ति (Land/House) की रजिस्ट्री कराने पर पंजीयन शुल्क (Registration Fee) में 50% की छूट प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही रक्षा कर्मियों के लिए भी विशेष रियायतों की घोषणा की गई है。 Exam Point of View (परीक्षा के लिए संभावित प्रश्न) इस फैसले से परीक्षा में निम्नलिखित प्रश्न बन सकते हैं, जिन्हें छात्रों को अपने नोट्स में शामिल कर लेना चाहिए: प्रश्न 1: हाल ही में छत्तीसगढ़ सरकार ने महिलाओं के नाम पर संपत्ति पंजीयन कराने पर शुल्क में कितने प्रतिशत छूट की घोषणा की है? उत्तर: 50 प्रतिशत। प्रश्न 2: इस योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है? उत्तर: महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण और संपत्ति के स्वामित्व में उनकी भागीदारी बढ़ाना। प्रश्न 3: भूतपूर्व सैनिकों और उनकी विधवाओं के लिए स्टाम्प ड्यूटी में कितने प्रतिशत की रियायत दी गई है? उत्तर: 25 प्रतिशत (अधिकतम 25 लाख रुपये तक की संपत्ति पर)। निष्कर्ष योजनाओं से जुड़े ऐसे आंकड़े (Data) अक्सर प्रीलिम्स (Prelims) और मेन्स (Mains) दोनों में काम आते हैं। खासकर ‘महिला सशक्तिकरण’ पर निबंध (Essay) लिखते समय आप इस योजना का उदाहरण दे सकते हैं。 ऐसे ही डेली करेंट अफेयर्स और ऑथेंटिक स्टडी मटेरियल के लिए Moolpath Academy की वेबसाइट और हमारे टेलीग्राम चैनल से जुड़ें।

CG Dhan Kharidi 2026: 15 नवंबर से शुरू, ₹3100 रेट, नए नियम और CGPSC करंट अफेयर्स

छत्तीसगढ़ धान खरीदी 2026 नए नियम और CGPSC करंट अफेयर्स

छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू। ₹3100 समर्थन मूल्य, 160 लाख मीट्रिक टन लक्ष्य और नए नियम जानें। CGPSC और Vyapam करंट अफेयर्स के लिए महत्वपूर्ण फैक्ट्स।

CG Diwali Holidays 2026: खुशखबरी! छत्तीसगढ़ के स्कूल-कॉलेजों में दिवाली की छुट्टियां घोषित, देखें नई तारीखें

Chhattisgarh School and College Diwali Holidays List 2026

CG Diwali Holidays 2026: छत्तीसगढ़ के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल-कॉलेजों में दिवाली, धनतेरस और भाई दूज की छुट्टियों का ऐलान। MoolPath Academy पर देखें छुट्टियों की पूरी लिस्ट और स्कूल खुलने की तारीख।

CG Vyapam Assistant Grade 3 Syllabus 2026: विस्तृत परीक्षा पैटर्न और सिलेबस (हिंदी में)

CG Vyapam Assistant Grade 3 (AG-3) Syllabus 2026: विस्तृत परीक्षा पैटर्न और सिलेबस (हिंदी में)

CG Vyapam Assistant Grade 3 (AG-3) Syllabus 2026: 1710 पदों (Group-2) की तैयारी के लिए विस्तृत परीक्षा पैटर्न और विषयवार सिलेबस। MoolPath Academy पर जानें सटीक रणनीति।

CGPSC Interview Postponed 2026: State Service Exam 2025 नई डेट व असली कारण

CGPSC State Service Exam 2025 (राज्य सेवा परीक्षा) के 20 सितंबर से होने वाले इंटरव्यू स्थगित (Postponed) कर दिए गए हैं। psc.cg.gov.in पर नई डेट और नोटिस यहाँ देखें।

05 सितंबर 2026 करेंट अफेयर्स : राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण घटनाएं Chhattisgarh Current Affairs 2026

5 सितंबर 2026 के महत्वपूर्ण करेंट अफेयर्स में छत्तीसगढ़ और भारत के प्रमुख विकास, जल संरक्षण, खनिज, सड़क और राष्ट्रीय घटनाक्रम

Chhattisgarh Current Affairs 2026 Chhattisgarh Current Affairs 2026 : 5 सितंबर 2026 के महत्वपूर्ण घटनाक्रमों में छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा, न्यायपालिका से जुड़े नियुक्ति संबंधी घटनाक्रम, रूस-यूक्रेन युद्ध में भारत की कूटनीतिक भूमिका, भारत की रक्षा कूटनीति की नई रणनीतिक योजना, अंतरिक्ष क्षेत्र की प्रगति, खेल उपलब्धियां, जल संरक्षण, सड़क अवसंरचना, शिक्षा, सरकारी भर्ती तथा पर्यावरण संरक्षण जैसे विषय प्रमुख रहे। इन घटनाओं को एक साथ समझना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इनमें राज्य विकास, राष्ट्रीय सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय संबंध, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, शिक्षा और पर्यावरण—सभी प्रमुख क्षेत्रों के महत्वपूर्ण आयाम शामिल हैं। 3 सितंबर 2026 करेंट अफेयर्स : राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण घटनाएं Chhattisgarh Current Affairs 2026 1. छत्तीसगढ़ में खनिज क्षेत्र का विस्तार और क्रिटिकल मिनरल्स पर ध्यान 20 साल बाद खुली कोरंडम खदान छत्तीसगढ़ के खनिज क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण विकास के रूप में लंबे अंतराल के बाद कोरंडम खदान से संबंधित गतिविधियां चर्चा में हैं। राज्य में अब खनिज संसाधनों के साथ-साथ क्रिटिकल मिनरल्स पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। खनिज क्षेत्र में आगे की गतिविधियों के लिए मानसून के बाद सर्वे और ड्रिलिंग कार्य बढ़ने की बात सामने आई है। इससे राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध खनिज संभावनाओं की पहचान और विकास की दिशा में कार्य को गति मिलने की संभावना है। खनिज ब्लॉकों की नीलामी खनिज ब्लॉकों की नीलामी से 4 लाख 05 करोड़ रुपये से अधिक राजस्व मिलने की उम्मीद व्यक्त की गई है। खनन गतिविधियों और खनिज संसाधनों का महत्व केवल उत्पादन तक सीमित नहीं है। यह राज्य के राजस्व और औद्योगिक गतिविधियों से भी जुड़ा हुआ है। छत्तीसगढ़ के प्रमुख खनिज उत्पादन की राष्ट्रीय हिस्सेदारी उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार राज्य की राष्ट्रीय उत्पादन में हिस्सेदारी इस प्रकार दर्ज की गई है— खनिज क्षेत्र से राजस्व में वृद्धि खनिज क्षेत्र से प्राप्त राजस्व के आंकड़े भी इस क्षेत्र के आर्थिक महत्व को दर्शाते हैं— वर्ष राजस्व 2021-22 12305.38 करोड़ रुपये 2022-23 12941.33 करोड़ रुपये 2023-24 12795.35 करोड़ रुपये 2024-25 14592.38 करोड़ रुपये 2025-26 16700.00 करोड़ रुपये परीक्षा के लिए याद रखें कोरंडम खदान + क्रिटिकल मिनरल्स + खनिज ब्लॉक नीलामी + बढ़ता राजस्व—छत्तीसगढ़ के खनिज क्षेत्र से जुड़े प्रमुख बिंदु हैं। 2. न्यायपालिका से जुड़ा महत्वपूर्ण घटनाक्रम छत्तीसगढ़ की न्यायिक व्यवस्था से संबंधित एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में महाधिवक्ता और मुख्य न्यायाधीश पदों से जुड़े बदलाव चर्चा में रहे। इस घटनाक्रम में जस्टिस संजय के. अग्रवाल का नाम प्रमुख रूप से सामने आया है और उन्हें राजस्थान में मुख्य न्यायाधीश बनाए जाने से संबंधित जानकारी भी प्रमुख रही। न्यायपालिका में उच्च पदों पर नियुक्तियां प्रशासनिक और संवैधानिक व्यवस्था की दृष्टि से महत्वपूर्ण होती हैं। इसलिए ऐसे घटनाक्रम प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष महत्व रखते हैं। परीक्षा के लिए याद रखें 3. रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्त कराने के प्रयासों में भारत की कूटनीतिक पहल यूक्रेन पहुंचे एस. जयशंकर रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने और शांति स्थापित करने के प्रयासों के बीच भारत की कूटनीतिक भूमिका महत्वपूर्ण रही। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कीव पहुंचकर यूक्रेन के विदेश मंत्री और राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से चर्चा की। बैठक में युद्ध समाप्त करने, शांति की दिशा में प्रयासों और संबंधित कूटनीतिक पहलुओं पर चर्चा हुई। भारत की प्रतिबद्धता यूक्रेन की ओर से युद्ध समाप्त करने के प्रयासों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को महत्वपूर्ण बताया गया। यह घटनाक्रम दर्शाता है कि भारत युद्ध की स्थिति के बीच संवाद और समाधान की दिशा में अपनी कूटनीतिक भूमिका निभा रहा है। 4. भारत की रक्षा कूटनीति के लिए अगले दशक की समग्र योजना रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जारी किया ‘रक्षा’ दस्तावेज भारत की रक्षा कूटनीति के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ‘रक्षा’ नामक दस्तावेज जारी किया। यह दस्तावेज अगले दशक के लिए भारत की रक्षा कूटनीति का व्यापक दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है। दस्तावेज के प्रमुख स्तंभ इस रणनीतिक योजना में निम्न प्रमुख क्षेत्र शामिल किए गए हैं— रणनीतिक महत्व यह योजना भारत की रक्षा कूटनीति को व्यापक वैश्विक संदर्भ में मजबूत करने की दिशा में तैयार की गई है। रणनीतिक साझेदारी के माध्यम से सहयोग बढ़ाने, क्षमता निर्माण पर ध्यान देने, स्वदेशी रक्षा निर्यात को प्रोत्साहित करने और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने जैसे बिंदु इसमें प्रमुख हैं। 5. अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की रणनीतिक क्षमता आसमान में तैनात हुई भारत की रणनीतिक आंख भारत की अंतरिक्ष और रणनीतिक क्षमता से जुड़ा एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम भी सामने आया है। अंतरिक्ष में रणनीतिक उपयोग से संबंधित उपग्रह तैनाती को भारत की सुरक्षा और तकनीकी क्षमताओं के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना गया। अंतरिक्ष क्षेत्र में बढ़ती तकनीकी क्षमता रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस विकास ने अंतरिक्ष आधारित तकनीक के क्षेत्र में भारत की प्रगति को प्रमुखता दी है। मुख्य समझ इस घटनाक्रम को निम्न संदर्भों में याद रखा जा सकता है— 6. मलेशिया में रायगढ़ की बेटियों का शानदार प्रदर्शन भारत को दिलाया कांस्य पदक छत्तीसगढ़ के रायगढ़ से जुड़ी खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। मलेशिया में आयोजित प्रतियोगिता में भारतीय महिला शतरंज टीम ने कांस्य पदक प्राप्त किया। रायगढ़ की खिलाड़ियों की भागीदारी और प्रदर्शन ने इस उपलब्धि को छत्तीसगढ़ के लिए भी विशेष बनाया। उपलब्धि का महत्व यह सफलता दर्शाती है कि राज्य की प्रतिभाएं अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए उल्लेखनीय प्रदर्शन कर रही हैं। परीक्षा के लिए याद रखें 7. शिक्षक दिवस और डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को नमन 5 सितंबर को भारत के पूर्व राष्ट्रपति, प्रख्यात शिक्षाविद और महान विचारक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। इस अवसर पर देशभर के शिक्षकों और गुरुओं को शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी गईं। मुख्य तथ्य परीक्षा के लिए याद रखें 5 सितंबर → डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन → शिक्षक दिवस 8. साहित्यिक जगत से संबंधित स्मरण छत्तीसगढ़ की साहित्यिक और सांस्कृतिक पहचान के विकास में अनेक साहित्यकारों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। वर्तमान घटनाक्रम में पंडित प्यारेलाल से संबंधित साहित्यिक योगदान को विशेष रूप से प्रस्तुत किया गया है। पंडित प्यारेलाल और छत्तीसगढ़ी साहित्य पंडित प्यारेलाल को छत्तीसगढ़ी साहित्य के प्रमुख रचनाकारों में शामिल किया गया है। उनकी साहित्यिक रचनाओं ने छत्तीसगढ़ी भाषा … Read more

3 सितंबर 2026 करेंट अफेयर्स : राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, रक्षा, स्वास्थ्य और छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण घटनाएं Chhattisgarh Current Affairs 2026

Chhattisgarh Current Affairs 2026 : 3 सितंबर 2026 के महत्वपूर्ण करेंट अफेयर्स हिंदी में पढ़ें। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, रक्षा, स्वास्थ्य और छत्तीसगढ़ की प्रमुख घटनाओं का अध्ययन।